Protests to continue in Sri Lanka श्रीलंका में प्रदर्शन जारी रहेगा

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कोलंबो। घनघोर आर्थिक और राजनीतिक संकट में फंसे श्रीलंका में नए प्रधानमंत्री ने पद संभाल लिया है लेकिन देश में विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के खिलाफ संसद में आने वाले विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। प्रधानमंत्री पद से महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे के बाद अब प्रदर्शनकारी गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे के बाद यूनिटी सरकार बनाई जा रही है, जिसके मुखिया के तौर पर रानिल विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री बनाया गया है।

प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार मीडिया से बात करते हुए विक्रमसिंघे ने कहा- ‘गोटा गो गामा’ आंदोलन जारी रहना चाहिए। मैं और पुलिस इस आंदोलन को रोकने के लिए कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे। गौरतलब है कि गामा का मतलब गांव होता है। गोटबाया का इस्तीफा मांग रहे लोग उनको अपने गांव लौटने की मांग कर रहे हैं। महंगाई और खराब आर्थिक स्थिति के खिलाफ पिछले एक महीने से ज्यादा समय से लोग आंदोलन कर रहे हैं।

इस बीच प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने बताया कि नए मंत्रिमंडल गठन पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। रानिल विक्रमसिंघे ने प्रधानमंत्री बनने के बाद कहा कि उनकी सरकार के भारत के साथ बहुत बेहतर संबंध होंगे। उन्होंने आर्थिक संकट में फंसे श्रीलंका की वित्‍तीय मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्‍यवाद दिया। उनके प्रधानमंत्री बनने के एक दिन बाद शुक्रवार को श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त गोपाल बागले ने उनसे मुलाकात की और आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।

बताया जा रहा है कि विक्रमसिंघे के प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद उनसे मुलाकात करने वाले बागले पहले विदेशी राजदूत हैं। गौरतलब है कि श्रीलंका की कर्ज में डूबी अर्थव्यवस्था को उबारने और राजनीतिक गतिरोध समाप्त करने का इरादा जताते हुए, यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता विक्रमसिंघे ने गुरुवार को श्रीलंका के 26वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।