Petrol diesel price cut पेट्रोल, डीजल के दाम में कमी

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में बड़ी कमी की है। पेट्रोल पर आठ रुपए प्रति लीटर और डीजल पर छह रुपए लीटर उत्पाद शुल्क कम किया गया है। उत्पाद शुल्क में इस बड़ी कटौती से पेट्रोल साढ़े नौ रुपए और डीजल सात रुपए लीटर सस्ता होगा। शनिवार को आधी रात से नई कीमतें लागू हो गई हैं। इससे पहले केंद्र ने पिछले साल नवंबर में उत्पाद शुल्क में कमी की थी। तब उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों मे होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उत्पाद शुल्क में कटौती हुई थी। हालांकि चुनाव के बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने दोनों ईंधनों की कीमत में बड़ा इजाफा किया था।

बहरहाल, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कमी का ऐलान किया है। शनिवार को हुई कटौती के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 105.41 रुपए की बजाय 95.91 रुपए और डीजल 96.67 रुपए की बजाय 89.67 रुपए लीटर हो जाएगा। अभी तक केंद्र सरकार पेट्रोल पर 27.90 रुपए और डीजल पर 21.80 रुपए उत्पाद शुल्क लेती है। इसमें कमी के बाद अब पेट्रोल पर 19.90 रुपए और डीजल पर 15.80 रुपए उत्पाद शुल्क लिया जाएगा।

ध्यान रहे पिछले दिनों प्रधानमंत्री ने विपक्षी शासन वाले राज्यों से उनके यहां लगने वाला बिक्री कर या वैट करने की सलाह दी थी। केंद्र सरकार के उत्पाद शुल्क में कटौती करने के बाद अब राज्यों पर भी दबाव होगा कि वे स्थानीय करों में कमी करें। इससे पहले पिछले साल तीन नवंबर को केंद्र ने पेट्रोल पर पांच रुपए और डीजल पर 10 रुपए उत्पाद शुल्क कम किया था। उसके बाद कुछ राज्यों को छोड़ कर ज्यादातर राज्यों ने अपने स्थानीय करों में कटौती की थी।

पेट्रोल और डीजल पर शुल्क में कटौती के साथ ही केंद्रीय वित्त मंत्री ने रसोई गैस सिलेंडर पर दो सौ रुपए सब्सिडी का भी ऐलान किया। यह सब्सिडी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नौ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मिलेगी। यह सब्सिडी एक साल में 12 सिलेंडर पर दी जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने ट्विट कर कहा- इस साल प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नौ करोड़ से अधिक लाभार्थियों को दो सौ रुपए प्रति गैस सिलेंडर की सब्सिडी देंगे। इससे हमारी माताओं और बहनों को मदद मिलेगी। उन्होंने लिखा- इससे सालाना करीब 61 सौ करोड़ रुपए का राजस्व प्रभावित होगा।

गौरतलब है कि अभी देश भर में घरेलू गैस सिलेंडर के लिए लोगों को एक हजार से 11 सौ रुपये के बीच में चुकाना पड़ रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ये फैसला आम जनता को राहत देगा। लेकिन वैसे लोग जो सब्सिडी छोड़ चुके है, उनको कोई लाभ नहीं होगा। इसके अलावा वित्त मंत्री ने ट्विट कर कहा- हम प्लास्टिक उत्पादों के लिए कच्चे माल और बिचौलियों पर सीमा शुल्क भी कम कर रहे हैं, जहां हमारी आयात निर्भरता अधिक है। इससे अंतिम उत्पादों की लागत में कमी आएगी। उन्होंने आगे लिखा- इसी तरह हम लौह और इस्पात के लिए कच्चे माल और बिचौलियों पर उनकी कीमतों को कम करने के लिए सीमा शुल्क को कम कर रहे हैं।