इस देश में सरकार का अनोखा फैसला, कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाने पर सिम कार्ड कर दिया जाएगा ब्लॉक..

 

 दुनियाभर में सरकारें अपनी देश की जनता से अपील कर रही है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में वैक्सीनेशन करवाएं। अमेरिका के साथ अन्य देशों की सरकारें अपने नागरिकों को अलग-अलग ऑफर दे रही है। जिससे वो वैक्सीन के साथ अन्य चीजों का भी लाभ उठा सकें। और वैक्सीन के अभियान को चरम पर ले जाएं। इसी कड़ी में पाकिस्तान ने भी एक योजना शुरु की है। लेकिन पाकिस्तान ने अपनी जनता को किसी प्रकार का कोई ऑफर नहीं दिया है। जो काम पाकिस्तान हमेशा से करता आया है सभी को डराना। इस बार भी पाकिस्तान ने वहीं काम करवाया है। अपनी जनता को धमकाया है सभी लोग या तो कोरोना वैक्सीन लगवाएं नहीं तो उनके सिम कार्ड ब्लॉक कर दिए जाएंगे। इस फैसले के बाद जनता भी भयभीत हो गई हो। अगर कोई वैक्सीन ना भी लगवाना चाहता हो तो फिर भी उसे लगवानी पड़ेगी। लेकिन यह फैसला पूरे पाकिस्तान में लागू नहीं हुआ है। पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सरकार ने यह फरमान ज़ारी किया है। प्रांत की स्वास्थ्य मंत्री यास्मीन राशिद की अध्यक्षता में लाहौर में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।

वैक्सीनेशन के कारण कोरोना के मामलों में गिरावट

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब प्रांत की स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कोरोना के मामलों में भारी कमी देखी गई है। इसका सबसे बड़ा कारण कोरोना का वैक्सीनेशन अभियान है। बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन होने से कोरोना के मामले कम दर्ज हुए है। इसलिए यह जरूरी है कि सभी लोगों का जल्द से जल्द वैक्सीनेशन किया जाए।  उन्होंने कहा कि प्रांत में 677 टीकाकरण केंद्र संचालित हो रहे हैं और इस अभियान में तेजी लाने के लिए कई अतिरिक्त कदम उठाए गए हैं।

18 से ज्यादा वालों के लिए वॉक-इन वैक्सीनेशन की घोषणा

रिपोर्ट में बताया गया है कि स्थानीय सरकार पूरे प्रांत में धर्मस्थलों के बाहर मोबाइल टीकाकरण शिविर लगाएगी और प्राथमिकता के आधार पर कैंसर और एड्स से पीड़ित लोगों का टीकाकरण करेगी। वैक्सीन लगवाने के बाद ही लोग सिनेमा, रेस्टोरेंट और शादियों में शामिल हो सकेंगे। यह फैसला ऐसे वक्त लिया गया है जब राष्ट्रीय कमान और संचालन केंद्र (एनसीओसी) द्वारा 18 से ऊपर के सभी नागरिकों के लिए वॉक-इन वैक्सीनेशन सुविधा शुरू करने की घोषणा की गई है।

सिंध प्रांत में सरकारी कर्मचारी की सैलरी रोकने का आदेश

इससे पहले, पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाता है तो जुलाई से उसकी सैलरी रोक ली जाएगी। मुख्यमंत्री मुराद अली शाह की अध्यक्षता में COVID-19 पर प्रांतीय कार्य दल की बैठक के दौरान यह आदेश पारित किया गया था। शाह ने कहा था कि सरकारी कर्मचारी जो टीका नहीं लगवाएंगे, उनकी जुलाई से तनख्वाह रोक ली जाएगी। इस बारे में वित्त मंत्रालय को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। जनता के अनुसार पाकिस्तान ने ऑफर के नाम पर डराने धमकाने का काम किया है। हमेशा जनता का नुकसान ही किया है।

पाकिस्तान ने बनाई अपनी वैक्सीन

जब सभी देश अपनी-अपनी सफल कोरोना वैक्सीन बना चुके थे उस समय सबसे अंत में पाक ने अपनी कोरोना वैक्सीन बनाई है। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस वैक्सीन का किसी पर ट्रायल नहीं किया गया है। यह कितनी सफल है और कितनी असफल ..इसका कुछ पता नहीं है। इस वैक्सीन का नाम है-पाकवैक्सीन है। वैक्सीन बनाने के बाद यह कहा गया कि अब कोरोना के उल्टे दिन शुरु हो गए है। पाकिस्तान के पास चीनी वैक्सीन भी है।

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