बच्चे का होने जा रहा था अंतिम संस्कार लेकिन तभी हो गया कुछ ऐसा जिसे देखकर सब हैरान रह गए
 

 

जिंदगी और मौत ही एक ऐसी चीज़ है हम में से किसी के हाथ में नहीं है। कब किसके साथ क्या होजाये ये कोई है जनता, कौन कब किस हालत में पहुंच जाए इस बात को जानना इंसान के अपने वश में नहीं है। आज हम जिस घटना के बारे में आपको बताने जा रहे हैं उसे सुनकर आपको ईश्वर के होने वाले चमत्कार पर यकीन होजायेगा और ये बात भी साबित होजायेगी की इंसान चाहे जितनी भी कोशिश कर ले लेकिन जीवन और मृत्यु उसके हाथ में नहीं होता। तो आईये जानते हैं की आखिर ये कैसा चमत्कार हुआ।

13 साल के बच्चे का स्कूल में दौड़ते समय होगयी मौत


आपको बता दे की ये घटना मध्यप्रदेश के भोपाल के एक स्कूल में घटित हुई है। दरअसल हुआ यूँ की स्कूल परिसर में रेसिंग प्रतियोगिता के दौरान एक 13 के बच्चे ने भी हिस्सा लिया था लेकिन जैसे ही रेस स्टार्ट हुई तो उस बच्चे के सांस फूलने लगी और वो वही बेहोश होकर गिर पड़ा। आनन् फानन में स्कूल प्रशासन ने उसके माँ बापा को सूचित किया और तुरंत पास के हॉस्पिटल में लेके गए। हॉस्पिटल ले जाने के बाद जब डॉक्टर ने बच्चे का जांच किया तो बच्चे की सांसे और डॉक्टर ने उसे मरा हुआ बता दिया। इधर बच्चे के माँ बाप पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा उन्हें यकीन नहीं हो रहा था की उनका बछ अब इस दुनिया में नहीं रहा रहा। परिजनों किसी प्रकार उस बच्चे के माँ बाप को और उसे अंतिम संस्कार के लिए लेकर गए।

बच्चे ने आँखें खोल दी


आपको जानकर हैरानी होगी की जैसे ही उस मृत घोसित कर चुके बच्चे को उसके परिजन अंतिम संस्कार के लिए ले गए अचानक से बच्चे का हाथ हिलने लगा और उसने अपनी आँखें खोल दी। ईश्वर के इस चमत्कार को देखकर उसके माँ बाप फूले नहीं समाये और जल्दी से उसे हॉस्पिटल लेकर गए। डॉक्टर ने जब बच्चे को देखा तो उन्होनें इसे किसी चमत्कार से काम नहीं माना। डॉक्टरों का साफ़ साफ़ यही कहना है की जब बच्चे को लाया गया था तो वो मृत था, ईश्वर का ये चमत्कार ही है की बच्चा जीवित हो उठा। अब चाहे जो भी हो लेकिन बच्चे के माँ बाप के लिए ये किसी खुसखबरी से कम नहीं था, उन्होनें ईश्वर का शुक्रिया यद् किया। इसलिए कहते हैं की कब किसके साथ क्या हो जाए कोई है जानता और जीवन और मौत सिर्फ और सिर्फ उस ईशर के चाहतों में ही है।

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