केसरिया रंग में रंगा था शौचालय, लोग मंदिर समझ करने लगे पूजा

 
हम सब जानते है कि केसरिया रंग को बलिदान का प्रतीक माना जाता है। यह रंग देश के प्रति हिम्मत और निस्वार्थ भावनाओं को दर्शाता है। यह रंग बौद्ध और जैन जैसे धर्मों के लिए धार्मिक महत्व का रंग है। हालांकि यह रंग सभी धर्मों के अहंकार को मुक्ति और त्याग का भी संदेश देता हैकेसरिया रंग में रंगे शौचालय को मंदिर ...और लोगों में एकता बनाने का भी यह प्रतीक माना जाता है। केसरिया रंग को आध्यात्म और उर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। लेकिन आज हम आपको एक अनोखा मामला बताने जा रहे है जिसके बारे में जानकर आपके होश उड़ जाएंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हम बात कर रहे उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की।केसरिया रंग में था शौचालय,मंदिर समझ ...जहां पर एक इलाके में केसरिया रंग का टॉयलेच बना दिया। जिसके बाद लोग मंदिर समझकर उसकी पूजा करनी शुरू कर दी। हमीरपुर जिले के मौदहा के रहने वाले लोग पिछले एक साल से एक घर के आगे पूजा कर रहे थे। उनको ये बी पता नहीं था कि अंदर कोई भगवान है या नहीं।यूपी: केसरिया रंग में रंगा था शौचालय ...इस मामले में स्थानिय निवासी राकेश चंदेल के मुताबिक बताया जा रहा है कि ये भवन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास है। इस भव को को केसरिया रंग से रगां गया था।  इस वजह से लोग इसे मंदिर मानते थे और किसी ने भी इसकी पुष्टि करने की आवश्यकता नहीं समझी। अभी हाल ही में हमें एक अधिकारी ने बताया कि वह भवन वास्तव में एक शौचालय है।

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