सचिन की सेकंड इनिंग का डेब्यू नही रहा खास, नही मिल पाया पारी शुरुवात करने का भी मौका
 

 

क्रिकेट की दुनिया के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर से अपनी पारी की शुरुवात करने की कोशिश की मगर इस बार वे पूरी तरह से नाकाम रहे और सबसे बड़ी बात तो ये रही की उन्हे अपनी परी की शुरुवात करने का मौका ही नहीं दिया गया। असल में हम बात कर रहे है राज्यसभा की जहां सचिन तेंदुलकर सांसद के तौर पर अपनी पहली स्पीच देने की तैयारी कर के गए थे मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर लगाए गए आरोपों और 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले में यूपीए के खिलाफ भाजपा के दुष्प्रचार को लेकर कांग्रेस नेताओं के लगातार हंगामे के बाद कल गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई जिसकी वजह से सचिन को बोलने का मौका ही मिल पाया।

आपको बता दे की क्रिकेट के मैदान पर तो सचिन का डेब्यू बेहद शानदार रहा था मगर यहाँ पर इनका डेब्यू अच्छा नहीं रहा, बताया जा रहा है की विपक्ष के हंगामे के कारण जब सचिन की बारी आई तो हंगामे की वजह से वह अपनी बात नहीं रख पाए और कुछ ही देर के बाद हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दे की सन 2012 में सचिन तेंदुलकर को राज्यसभा का सांसद मनोनीत किया गया था जिसके बाद कल पहली बार सचिन राज्यसभा में अपना भाषण देने वाले थे। बता दे की की सचिन अपनी पत्नी अंजलि के साथ राज्यसभा पहुंचे थे मगर भारी हंगामे के बीच सचिन अपने भाषण की शुरुवात तक नहीं कर पाये।

ऐसा बताया जा रहा था की इस हंगामे के बीच उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू लगातार विपक्ष से अपील कर रहे थे की हमारे बीच भारत रत्न सम्मानित व्यक्ति भी है जो यहाँ अपनी बात रखना चाह रहा है कृपा कर उन्हे भी सुनिए, सारा मगर इसेसभी को देख रहा है, मगर कृपया शांपति जी त होबातों का राज्यसभा के सदस्यों पर एक रत्ती भी असर नहीं पड़ा और आखिरकार सदन को रद्द करना पड़ा जिस वजह से सचिन अपना भाषण नही दे पाये। हालांकि इसके बाद राज्‍यसभा की सांसद जया बच्‍चन ने संसद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस पूरे मामले पर कडा ऐतराज जताया और कहा कि सचिन तेंदुलकर ने दुनियाभर में भारत का नाम रोशन किया है इस तरह से उन्‍हें ना बोलने दिया जाना बेहद ही शर्मनाक बात है।

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