रिसर्च: सार्वजनिक जगहों पर लिपस्टिक या काजल लगाती लड़कियों को इस वजह से घूरते हैं लोग
 

 

हम जब भी बस स्टॉप पर खड़े होते हैं या फिर ट्रेन, बस, टैक्सी में सफ़र कर रहे होते हैं तो हमें कुछ ऐसी लड़कियां दिख जाती हैं जो अपने मेकअप का पिटारा खोलती हैं और लिपस्टिक, काजल जैसी चीजे लगाने में व्यस्त हो जाती हैं. अक्सर इन लड़कियों को सार्वजानिक स्थानों पर ऐसा करते देख लोग उन्हें घूरने लगते हैं. कुछ लोग तो इन्हें देख मुंह तक बनाने लगते हैं. उन्हें देख ऐसा लगता हैं कि इन्हें लड़की का इस जगह सजना धजना पसंद नहीं हैं.

एक कामकाजी लड़की इस मुद्दे पर एक किस्सा बताती हैं कि – एक दिन वो ऑफिस के लिए थोड़ा लेट हो गई थी. आधे घंटे का सफ़र करने के बाद जब वो भागते हुए ऑफिस में घुसी और अपनी सीट पर बैठी तो उसने अपना मिनी मेकअप बॉक्स खोला और काजल लगाने लगी ताकि सफ़र की थकान वाला हुलिया ठीक कर सके. लेकिन लड़की की इस हरकत पर उसके एक साथी कर्मचारी ने कहा ‘यार! मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी.‘

‘क्यों? मैंने ऐसा क्या कर दिया? तुम लड़को को लड़कियों के मेकअप से इतनी प्रॉब्लम क्यों होती हैं?’ लड़की ने जवाब दिया.

बस फिर दोनों में इस बात को लेकर बहुत लम्बी बहस छिड़ गई. इसके कुछ दिन बाद लड़की ने ये बात अपनी मौसी को बताई जो एक महिला समाज सेवी सस्न्था में काम करती हैं. लड़की की मौसी ने इसके पीछे लोगो की सोच और धारणा को जानना चाहा इसलिए एक सर्वे करा.

रिसर्च में सामने आई मेकअप करती लड़की को घूरने की वजह  


रिसर्च में मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और हैदराबाद जैसे शहरो में सार्वजनिक वाहनों में सफ़र कर रहे लोगो से सवाल किए गए. इसमें अधिकतर लोगो का कहना हैं कि वो मेकअप करती लड़की को इसलिए घूरते हैं क्योंकि ये काम घर की चार दिवारी के बीच अच्छा लगता हैं. ये पर्सनल चीज हैं इसे पब्लिक प्लेस में नहीं करना चाहिए. एक व्यक्ति ने तर्क देते हुए कहा कि “जरा आप सोचिए यदि में पब्लिक जहागो पर ब्रश करने लग जाऊ तो आपको कैसा लगेगा?”

रिसर्च में कुछ लोगो की पिछड़ी और संकीर्ण सोच भी सामने आई. उनका कहा था कि लड़कियां अगर काम पर ही जा रही हैं तो इतना मेकअप क्यों करती हैं? ये कोई शादी या पार्टी तो हैं नहीं जहाँ सजना धजना जरूरी हैं.

क्या हैं लड़कियों का कहना


इस बात पर लड़कियों का कहना हैं कि बस, ट्रेन में मेकअप करने से उन्हें टाइम की बचत होती हैं. कई बार घर से निकलने में देर हो जाती हैं ऐसे में सफ़र के टाइम का सही उपयोग हो जाता हैं.

उनका कहाँ हैं कि कुछ लोगो को खुद को अच्छे से प्रेजेंट करना पसंद होता हैं, इसलिए वे ऑफिस में मेकअप कर के जाती हैं. ये एक पर्सनल चीज हैं और दुसरे लोगो को इस से परेशानी नहीं होना चाहिए. लड़कियों ने ये तर्क भी दिया कि लड़के भी कई बार आईना देख अपने बाल सवारते हैं और ढेर सारा परफ्यूम भी लगा लेते हैं. यदि मेकअप करने से खुद को ख़ुशी मिलती हैं तो दुसरे लोगो को क्या प्रॉब्लम हैं?

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