पहली बार देखा गया सुनहरे रंग का दुर्लभ कछुआ, सोशल मीडिया पर तस्वीरें हुई वायरल

 
नेपाल में सुनहरे रंग वाले कछुए की खोज हुई है। कछुए के इस दुर्लभ रंग बदलने की वजह जेनेटिक म्यूटेशन है। इसके कारण स्किन को रंग देने वाला पिगमेंट बदल गया है। नतीजा, यह सुनहरा दिखाई दे रहा है। नेपाल के टॉक्सिनोलॉजी एसोसिएशन के एक अधिकारी के मुताबिक, नेपाल में इस कछुए में 'क्रोमैटिक ल्यूसिज़्म' का यह पहला और दुनियाभर का केवल पांचवां मामला है।
 


खबर के अनुसार, इस कछुए को नेपाल के धनुशधाम संरक्षित वन में पशु रक्षक चंद्रदीप सदा ने बचाया था। नेपाल में ऐसा दुर्लभ कछुआ पहली बार स्पॉट किया गया है। इसके बाद से कछुए की तस्वीरें सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर वायरल हो रही हैं। लोग इसकी तस्वीरें खूब शेयर कर रहे हैं। इससे पहले ओडिशा के बालासोर जिले में एक दुर्लभ प्रजाति के पीले रंग के कछुए को देखा गया था। स्थानीय लोगों ने उसे सुरक्षित बचाकर वन विभाग के हवाले कर दिया था।
 


नेपाल में कुल 16 तरह की कछुए की प्रजातियां पाई जाती हैं। लेकिन इनमें से 4 प्रजातियां विलुप्ति की कगार पर हैं। इनमें इलॉन्गेटेड कछुआ, तीन स्ट्रिप वाला रूफ्ड कछुआ, पतले सिर वाला सॉफ्टशेल कछुआ और रेड क्राउन रूफ्ड कछुआ शामिल है।
 

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