अब दिमाग को करना हो तेज़, तो बादाम खाना छोड़ अपनी पलकें झपकाना शुरू कर दीजिये
 

 

आपने सुना होगा की अक्सर लोग अपना दिमाग तेज़ करने के लिए कई तरह की तरकीब लगते है और आमतौर ज़्यादातर लोग बादाम खाते है। बता दे की काफी पुराने जमाने से यह कहा जाता है की बादाम खाने से दिमाग तेज़ रहता है। खैर आज के समय में इतना ज्यादा भागदौड़ और व्यस्तता बढ़ गयी है की हर किसी को अपना दिमाग व्यवस्थित रखने की बहुत ही ज्यादा जरूरत है और उसके लिए बादाम या फिर कोई इससे भी बेहतर तरीके की जरूरत पड़ती है। मगर आज हम आपको एक ऐसे कहबर बताने जा रहे है जिसके बाद आपको दिमाग तेज करने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी बल्कि आपको केवल पलकें झपकने की जरूरत है।

आपको बताना चाहेंगे की पलक झपकाने और आंखों की रोशनी के बीच जो संबंध होता है उसे लेकर विदेशों में कई वैज्ञानिकों ने तमाम शोधकरें है जिसके बाद पलकों और दिमाग के संबंध को लेकर कुछ विशेष नीतीजे निकले। अगर हम इस शोध की बात करें तो बता दे की जब भी हम अपनी पलकें झपकाते हैं तो हमारा दिमाग और भी ज्यादा अधिक सक्रिय हो जाता है, नतीजा हम और भी मन लगा कर काम में लिप्त हो जाते है।

ऐसा सिर्फ हम नही कह रहे बल्कि इसके बारे में सिंगापुर के वैज्ञानिकों द्वारा किये गये शोध के बाद काही जा रही है। उनके अनुसार जब भी हम पलकें झपकाते हैं तो उस वक़्त हम जो भी देख रहे होते हैं हमारा पूरा ध्यान उसपर ही केंद्रित रहता हैं। वैज्ञानिकों का मानना है की हम पलकें झपकाने के दौरान अपनी आंखों को बंद कर लेते हैं और अगली बार आखें खोलने के बाद, आंखों की पुतली वापस उसी स्थान पर नहीं आकर किसी अन्य स्थान पर आ जाती है और उनके अनुसार यही प्रक्रिया दिमाग को ज्यादा सक्रिय बनाती है। आपको बताना चाहेंगे की पलकें झपकाने के दौरान हमारी आंखों से एक तरल पदार्थ निकलता है जिसकी वजह से हमारी आँखों में नमी बनी रहती है ताकि आँखों में जलन या खुजली की स्थाती ना आने पाये।

इसके अलावा आपको यह भी बता दे की पलकों को बराबर झपकाते रहने से हमारा दिमाग तरोताजा रहता है और ऐसा जापान की ओसाका युनिवर्सिटी द्वारा किये गये एक परीक्षण के बाद सामने आया है। बता दे की इस शोध के अनुसार किसी विशेष मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने से पहले दिमाग खुद को तरोताजा करने का काम करता है और ऐसा करने से हमारे दिमाग की कारशीलता और भी ज्यादा बढ़ जाती है।

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