बेटे की चाह में महिला ने मासुम बेटी को उतारा मौत के घाट

 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा चारों और जोर शोर से दिया जा रहा है लेकिन इस सबके बावजूद कई लोगों की मानसिकता बदलने का नाम भी नहीं ले रही है।कई लोग आज भी बेटा और बेटी में फर्क महसूस करते है। लोगों की सोच आज भी इसी लक्ष्मण रेखा पर रूकी हुई है कि बेटी तो पराया धन होता है।

रोज हमारे सामने ऐसे कई मामले आते है जिनके बारे में जानकर हमारे दिमाग में एक ही सवाल आता है कि आखिर एक मां अपनी मासुम बच्ची की जान कैसे ले सकती है। आज हम आपको एक ऐसा ही मामला बताने जा रहे है जिसके बारे में जानकर आप यकीन नहीं कर पाएंगे आखिर एक मां निर्दयी कैसे बन सकती है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये मामला अमरावती जिले से सामने आय़ा है। यहां पर एक सरकारी अस्पताल में एक महिला ने अपनी ढाई घंटे की बच्ची को मौत के घाट उतार दिया। उसने सिर्फ ऐसा इसलिए किया क्योंकि उसके पहले से तीन बेटिया थी और पति को बेटा चाहीए था। इसी कारण पति रोज पत्नी से मारपीट करता था। 

जब महिला की जिला अस्पताल में डिलेवरी हुई तो उसने एक बच्ची को जन्म दिया। जिसके बाद वो काफी निशार हो गई। वही पति महिला को मानसिक प्रताड़ित करने लगा। जिसके बाद रात को उसका गला दबाकर हत्या कर दी।इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब बच्ची का पोस्टमार्टम दिया गया औऱ मौत की वजह पता चली। पुलिस ने जांच के दौरान महिला से पूछताछ की और महिला को गिरफ्तार किया।

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