रेस्तरां में हर सुबह चाय पीने पहुंचते हैं गजराज, देखें रतलाम का यह मजेदार

 

मध्य प्रदेश के रतलाम में एक हाथी  की चाय के प्रति अनोखी दीवानगी देख लोग हैरान. रोज सुबह तय समय पर चाय पीने एक दुकान पर पहुंचने वाले 
 इंसानों के साथ रहकर जानवरों के स्वभाव और शौक भी बदल जाते हैं. जी हां, अगर आपको यकीन न हो तो मध्य प्रदेश के रतलाम आएं. यहां रहने वाले एक हाथी का अजीब शौक आपको हैरत में डाल देगा. रतलाम का यह हाथी हर सुबह इंसानों की तरह चाय  पीने का शौकीन है. हाथी का यह शौक पूरा होता है रतलाम के एक खास रेस्तरां में, जहां वह हर सुबह तय समय पर चाय पीने पहुंच जाता है.

जंगल के सबसे बड़े सदस्य कहे जाने वाले हाथी दादा की चाय के प्रति इस दीवानगी को देखने रतलाम में लोगों की भीड़ जुटती है. खास बात यह है कि यह हाथी कभी भी चाय पीने का समय मिस नहीं करता. हाथी को चाय की लत भी ऐसी लगी है कि चाय की एक दुकान पर आने के बाद जब तक उसे मनचाही चीज मिल न जाए, वो वहीं पर बैठा रहता है. रेस्तरां वाला जैसे ही उसे चाय देता है, हाथी चाय पीकर आगे बढ़ जाता है. दुकानदार भी हाथी की आदत से वाकिफ हैं, इसलिए आगे बढ़कर उन्हें अपने हाथों से चाय बनाकर पिलाते हैं और गणपति बप्पा का रूप मानकर आशीर्वाद लेते हैं.

खास रेस्टोरेंट की चाय पसंद है


रतलाम के डालू मोदी चौराहे पर यह दृश्य रोज देखा जा सकता है. मज़ेदार बात ये है कि हाथी दादा सिर्फ एक ही दुकान पर पहुंचते हैं. उसके सिवाय वो कहीं और की चाय पीना पसंद नहीं करते. जब कोई दूसरे चायवाले उन्हें चाय पिलाने की कोशिश करते हैं तो हाथी राजा सूंघकर आगे बढ़ जाते हैं. अब ये समझने की बात है कि हाथी को इस रेस्टोरेंट की पहचान हो गई है. महावत जैसे ही सुबह हाथी को लेकर निकलता है, हाथी इस रेस्टोरेंट पर पहुंचकर खड़ा हो जाता है. उन्हें यहां की चाय का स्वाद इतना भा गया है कि ये भी अपने दिन की शुरुआत यहां की चाय से ही करते हैं. ये स्वाद इन्हें अभी-अभी ही लगा है. पिछले 8 दिन से हाथी लगातार इस दुकान पर आकर चाय का आनंद ले रहा है.

ऐसे लगी लत

हाथी का महावत बताता है कि वो चाय पीने के लिए इस दुकान पर रुकते रहे हैं. एक दिन दुकानदार ने हाथी को भी चाय पिला दी. बस उस दिन के बाद से हाथी की ज़ुबान पर भी चाय का चस्का लग गया है. हर दिन सुबह 8 बजे आकर दुकान के सामने खड़े हो जाते हैं. दुकानदार भी बड़े प्रेम से इस हाथी के लिए चाय बनाता है और उनके कद-काठी को देखते हुए बड़े लोटे में भरकर उसे पिलाता है. हाथी राजा की चाय पूरी तरह निःशुल्क होती है.

रतलाम के इस हाथी के चाय पीने की चर्चा शहरभर में फैल गई है. उसे देखने के लिए सुबह से लोग यहां पहुंचने लगते हैं. दुकानदार और आसपास के लोग हर दिन हाथी दादा का इंतज़ार करते हैं. हाथी को चाय पिलाकर और उनके दर्शन के बाद ही अपना कामकाज शुरू करते हैं.

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