शादी की पहली रात हर कोई पिता है दूध लेकिन इसके पीछे का वजह कुछ लोग ही जानते हैं
 

 

हमारा देश हमेशा से ही रीति रिवाजों से बंधा हुआ है इसलिए यहां हर चीज की शुरूआत रस्‍मों और रिवाजों से ही होती है। इन्‍हीं में से एक विशेष रस्‍म की बात हम आपको बताने जा रहे हैं। आज के समय में वैसे कम ही लोग हैं जो इन रस्‍मों को फॉलोव करते हैं लेकिन अभी भी कई लोग है जो इसे बकायदा निभाते हैं।

कहा जाता है कि शादी हर किसी के जीवन में एक सपने जैसा होता है लेकिन वहीं इस शादी में कई रीति रिवाज भी होते हैं जिसे धर्म के आधार पर निभाया जाता है। शादी के दौरान तमाम तरह के परम्पराओं का निर्वाह होता है जिनमें से एक है सुहागरात के दिन दूध पीना। ये रस्‍म काफी चर्चित भी है और इसे कई बार फिल्‍मों में भी दिखाया गया है। इसलिए इसके बारे में तो सब जानते हैं लेकिन इस रस्‍म के पीछे छिपे मूल कारण कोई नहीं जानता है। वैसे देखा जाए तो ये बहुत ही सामान्य लगता है लेकिन आज हम आपको इसके पीछे का कारण बताने जा रहे हैं जो शायद आप नहीं जानते होंगे।

ये तो हम सभी जानते हैं कि शादी के बाद जो पहली रात होती है यानि सुहागरात हर नए जोड़े के लिए वो पहली रात होती है जिसमें वो तन-मन से एक दूसरे के हो जाते है लेकिन इस नए संबंध के शुरुआत से पहले दुल्हन अपने पति को दूध पिलाती है। कई जगह आपने सुना होगा कि लोग इस रस्‍म में केसर के दूध का प्रयोग करते हैं तो कई जगह बादाम दूध तो वहीं कई जगह काली मिर्च और हल्दी पाउडर मिलाकर या फिर सौंफ मिलाकर पिलाते हैं। लेकिन आखिर ये किया क्‍यों जाता है ये आज हम आपको बताते हैं।

दरअसल सुहागरात को दूध पिलाने के पीछे असली वजह ये है कि इसे हिन्दू धर्म में एक आदर्श माना गया है और एक नई जिंदगी के शुरुआत के पहले इसे शुभ माना जाता है। वहीं ये भी कहा जाता है कि दूध का सेवन करने से दूल्‍हा दूल्‍हन में शारीरिक संबंध बनाने के लिए स्टेमिना और एनर्जी बढ़ जाती है और साथ ही दूध उनकी सेहत के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होता है इसलिए हर जगह इस रस्‍म को निभाया जाता है।

माना जाता है कि दूध में काफी हाई मात्रा में प्रोटीन होता है जो कि शरीर में मौजूद एस्ट्रोजन हार्मोन के लिए प्रोटीन की काफी जरूरत रहती है। इसलिए वह प्रोटीन हमें दूध से मिल सकता है, जो हमें सेक्स करने में ऊर्जा प्रदान करती है।

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