डायनासोर को भी होती थी इंसानों जैसी जानलेवा बीमारियां

 
 हम सब जानते है कि केंसर जेसी खतरनाक बिमारी का कोई इलाज नहीं है। केंसर शरीर को धीरे धीरे से खोखला कर देता है। अगर इस बिमारी का शूरू में पता लग जाता है तो इलाज संभव है। दवाईयों के सहारे इस जानलेवा बीमारी से जंग जीतने में सफल हो जाता है.लेकिन फिर भी इस दौरान जो दवाइंया उसे दी जाती है उससे उसके शरीर को काफी नुकसान पहुंचता है। आज हम आपको एक चौंका देने वाली बात बताने जा रहे है जिसके बारे में जानकर आप यकीन नहीं कर पाएंगे। हजारों साल पहले भी केंसर था। जो डायनासोर को होता था।इसका खूलासा द लैंसेट ऑन्कोलॉजी की एक रिपोर्ट में हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार रिसर्चकर्ता ने दावा किया है कि डायनासोर की एक हड्डी थी जिसको 1989 में कनाड़ा के अल्बर्टा प्रांत से खोजा गया था। इसके शौध होने पर पाया की उस समय केंसर हुआ करता था।7.6 करोड़ साल पुराने डायनासोर के पैर की इस हड्डी के बारे में विशेषज्ञों ने शुरू में माना कि हड्डी में एक फ्रैक्चर हुआ था जो ठीक हो गया था. लेकिन हालिया परिक्षण के अनुसार, एक माइक्रोस्कोप के तहत और उन्नत तकनीकों का उपयोग करते हुए, जैसे कि उच्च-रिज़ॉल्यूशन टोमोग्राफी, से खुलासा हुआ कि हड्डी पर एक सेब का आकार की गांठ थी, जो वास्तव में एक कैंसर ट्यूमर था।बताया जाता है कि इस हड़डी मे जो गाठ थी वो असल में ओस्टियो सरकोमा की की थी। ये एक तरह का कैंसर होता है।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऑन्टेरिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डॉ. मार्क क्राउथर, के अनुसार  डायनासोर का जीवन आसान नहीं था।  उनमें से कई में हीलींग फ्रैक्चर या हड्डी में संक्रमण जैसी समस्या होती थी

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