गंगाजल के रोजाना इस्तेमाल से नहीं होता कोरोना,इस जांच में खूलास

 
भारत समेत दुनियाभर के 180 से ज्यादा देशों में कोरोना वायरस  का खौफ देखने को मिल रहा है। भारत  में भी हर रोज COVID-19 के मामले बढ़ रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 57,32,518 हो गई है।वहीं दूसरी ओर कई देशों में कोरोना की वैक्सीन बनाने की कोशिश जारी है।हाल ही में अमेरिका के इंटरनेशनल जर्नल ऑफ माइक्रोबायोलॉजी के अंक में सामने आय़ा है कि रोज गंगाजल को पीने से कोरोना वायरस का खतरा कम हो जाता है। बता दें कि इस अंक को बीएचयू आईएमएस की टीम की शोध की रिपोर्ट के आधार पर प्रकाशित किया गया है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीएचयू आईएमएस की टीम ने न्यूरोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रामेश्वर चौरसिया, न्यूरोलाजिस्ट प्रो. वीएन मिश्रा की टीम ने गंगा किनारे इलाकों में सर्व किया जहां पर पाया की रोज गंगाजल का सेवन करने वाले लोगों ने कोरोना वायरस या अन्य किसी बिमारी का खतरना 90 प्रतिशत तक कम हो जाता है।इस रिसर्च में ये भी सामने आया है कि गंगा किनारे रहने वाले जिलों व गांवो में कोरोन वायरस के मामले 50 प्रतिशत से भी कम है और रिकवरी के आकड़े भी अन्य क्षेत्रों से ज्यादा है।  बीएचयू की टीम ने रविवार को पंचगंगा घाट पर 49 लोगों की कोरोना जांच की जिनमें 48 लोग निगेटिव और एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया।  इससे पहले टीम ने बुधवार को तुलसीघाट, भदैनी, चेतसिंह घाट, हरिश्चंद्र घाट पर 54 लोगों की सैंपलिंग की थी और सभी की रिपोर्ट निगेटिव मिली थी।

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