भारत में एक ऐसा गांव, जहां चमगादड़ों की होती है पूजा, माना जाता है शुभ

 
 कोरोनावायरस से दुनिया भर में फैली महामारी की वजह से चमगादड़ इन दिनों काफ़ी सुर्खियों में हैं. ऐसा माना जा रहा है कि यह वायरस चमगादड़ से ही मनुष्य के शरीर में आया है। दुनियाभर में चमगादड़ों की तुलना निशाचर यानी वैम्पायर से की जाती है और इन्हें अशुभ माना जाता है।Ways & measures to escape bats from your home | चमगादड़ से है बड़ा खतरा! घर  के आसपास भी दिखे तो ये हैं भगाने के उपाएकुछ समय पहले केरल में चमगादड़ों से निपाह वायरस फैला था, जिससे कई लोगों की जान चली गई थी। इतना ही नहीं माना जाता है कि जहां पर यह पाए जाते है वहां पर खजाना होता है। आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे है जहां पर इस जीव की पूजा की जाती है।इस गांव के लोग करते हैं चमगादड़ों की पूजा, गांववालों का मानना- महामारी से  बचाते हैंआपकी जानकारी के लिए बता दें कि हम बात कर रहे है बिहार के वैशाली जिले के सरसई गांव की। जहां पर गांव में चमकादड़ो को भगवान का दर्जा दिया जाता है। यहां के लोगों का मानना है कि चमगादड़ संपन्नता के प्रतीक हैं और ये जहां निवास करते हैं वहां कभी भी धन की कमी नहीं होती है। Why Do Bats Hang Upside Down On Trees - चमगादड़ पेड़ पर क्यों उल्टा लटकते  हैं? जान लीजिए इसके पीछे की वजह | Patrika Newsबता दें कि इस गांव में हजारों की संख्या में बैट का निवास स्थान है। इतना ही नहीं यहां के लोग तो यह भी मानते ही की चमकादड़ ही जो इस गांव को कोरोना वायरस से बचा रखा है। गांव के लोगों का मानना है कि चमगादड़ जब से आए हैं, इस गांव में हमेशा खुशियां रहती हैं।Why Do Bats Hang Upside Down Reason Behind This - आखिर चमगादड़ पेड़ पर  उल्टा क्यों लटके रहते हैं? जान लीजिए ये रहस्य - Amar Ujala Hindi News Liveगांव के लोग कोई भी शुभ कार्य करने से पहले चमगादड़ों की पूजा करते हैं। जब भी रात में कोई नया व्यक्ति प्रवेश होता है तो सभी चमकादड़ शौर मचाना शुरू कर देते है।

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