मालगाड़ी के दोनों पहियों के बीच आया 2 साल का मासूम, वीडियो में देखे कैसे बचा मासूम

 
 कहावत है 'जाको राखे साईंयां मार सके न कोय', यह कहावत एक बार फिर चरितार्थ हो गई। नई दिल्ली की तरफ से विगत दिवस दोपहर करीब 2.33 बजे मालगाड़ी ने बल्लभगढ़ स्टेशन पार किया ही था कि ट्रैक के नजदीक खेल रहे किशोर ने दो साल के मासूम को ट्रेन के आगे फेंक दिया। मालगाड़ी के लोको पायलट दीवान सिंह और असिस्टेंट लोको पायलट अतुल आनंद घटनाक्रम देखकर हड़बड़ा गए। लेकिन उन्होंने सूझबूझ दिखाई और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया।  

घबराए हुए दोनों लोको पायलट इंजन से नीचे उतरे लेकिन नीचे का नजारा देखकर उनकी सांस में सांस आई।बच्चा ट्रेन के दोनों पहियों के बीच जीवित था,रो रहा था और फंसा हुआ था। उसे खरोंच तक नहीं आई थी।  जानकारी के मुताबिक वह दो साल का बच्चा अपने 14 साल के भाई के साथ ट्रैक के पास खेल रहा था। आगरा डिवीजनल रेलवेज के कमर्शियल मैनेजर एसके श्रीवास्तव ने बताया कि बड़ा भाई खेलने के दौरान छोटे भाई को रेलवे ट्रैक के बीच शायद छोड़ गया था। उसी दौरान दिल्ली से आगरा जाने वाली एक मालगाड़ी ट्रेन आ गई।

इस घटना का 19 सेकेंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है जो ट्रेन के रुकने के बाद का है। वीडियो में बच्चा ट्रेन के पहियों के बीच फंसा दिख रहा है जबकि उसका बड़ा भाई को लोको पायलट ने पकड़ा हुआ है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। उस बच्चे को अंदर से निकालना आसान नहीं था।


 

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