देश की प्रथम महिला न्यायाधीश अन्ना चांडी की 116 वीं जयंती पर उन्हें याद किया

 

उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के सरावां स्थित शहीद लाल बहादुर गुप्त स्मारक पर हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकंन आर्मी व लक्ष्मीबाई ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने देश की प्रथम महिला न्यायाधीश अन्ना चांडी की 116 वीं जयंती पर उन्हें याद किया गया।
अवसर पर कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक पर मोमबत्ती व अगरबत्ती जला कर दो मिनट का मौन रखकर अपनी श्रंद्धाजलि दी ।

शहीद स्मारक पर उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए लक्ष्मीबाई ब्रिगेड की अध्यक्ष मंजीत कौर ने कहा कि चार मई 1905 को अन्ना चांडी का जन्म तत्कालीन त्रावणकोर ( केरल ) में हुआ था ।

उन्होंने 1926 में वकालत की पढ़ाई शुरू की और राज्य में वकालत की डिग्री प्राप्त करने वाली पहली महिला बनीं ।

इसके बाद उन्होंने बैरिस्टर के तौर पर अदालत में प्रैक्टिस शुरू की।

श्रीमती कौर ने कहा कि वे महिलाओं की आवाज उठाती रहीं ।

उन्होंने कहा कि 1937 में त्रावणकोर के दीवान ने उन्हें मुंसिफ बनाया, इससे वह देश की पहली महिला न्यायाधीश बनीं और 09 फ़रवरी 1959 को वह केरल हाइकोर्ट की जज बनीं और 1967 तक न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहे, यह पद भी पहली बार किसी महिला को मिला था ।

देश के लॉ कमीशन में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं ।

श्रीमती नाम से एक पत्रिका निकाली जिसमें महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया 1973 में आत्मकथा नामक पुस्तक भी लिखी थी।

बीस जुलाई 1996 को केरल में उनका निधन हो गया।

इस अवसर पर डॉ0 धरम सिंह , मैनेजर पांडेय, अनिरुद्ध सिंह,मंजीत कौर,सहित आने लोग मौजूद रहे ।

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