शरद पवार का केंद्रीय एजेंसियों को लेकर सरकार पर बड़ा हमला

 

 महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम अजीत पवार के से जुड़े कुछ ठिकानों पर आयकर विभाग के छापों के बाद शरद पवार ने केंद्र पर हमला बोला है। पवार ने इसे राकांपा को ही नहीं बल्कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन को अस्थिर करने की कोशिश बताया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को निशाना बनाने के लिए सीबीआई, ईडी और एनसीबी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछले दो साल में राज्य की महाविकास अघाड़ी गठबंधन सरकार को अस्थिर करने के लिए कई नाकाम प्रयास किए गए।राकांपा के अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके राजनीतिक विरोधियों को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया, ''केंद्र सीबीआई, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, एनसीबी जैसी कुछ संस्थाओं का लगातार इस्तेमाल कर रहा है।

राजनीतिक उद्देश्यों से इन सभी एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। पवार ने कहा कि केवल राकांपा को ही नहीं बल्कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन के अन्य दो सहयोगी दलों को भी केंद्रीय जांच एजेंसियां निशाना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि अजीत पवार, कांग्रेस के मंत्री अशोक चव्हाण और उनके मंत्रिमंडल सहयोगी शिवसेना के सुभाष देसाई के करीबी लोगों को भी निशाना बनाया गया। पवार ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने के नाकाम प्रयासों के बाद वे राज्य सरकार के मंत्रियों के करीबी लोगों को निशाना बना रहे हैं। यह एक रणनीति जान पड़ती है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और राकांपा नेता अनिल देशमुख के मामले का उल्लेख करते हुए राकांपा अध्यक्ष ने कहा कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा उनके खिलाफ आरोप लगाये जाने के बाद देशमुख को पद छोड़ना पड़ा था।

देशमुख के खिलाफ अनेक आरोपों में केंद्रीय एजेंसियां जांच कर रही हैं। सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख चाहते थे कि पुलिस अधिकारी मुंबई के बार और होटलों से हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही करें। पवार ने कहा, ''आरोप लगाने वाले (परमबीर सिंह) का अता-पता नहीं है। ऐसा कभी नहीं होता कि कोई जिम्मेदार अधिकारी किसी जिम्मेदार मंत्री के खिलाफ आरोप लगाए। लेकिन अनिल देशमुख ने इस्तीफा दे दिया और उनके खिलाफ अनेक आरोप हैं। और वह (सिंह) लापता हो गये। यह अंतर है।'' पवार ने पूछा, ''उनके (देशमुख के) घर पर पांचवीं बार छापा मारा गया। मुझे समझ नहीं आता कि एजेंसियों को पांचवीं बार वहां जाकर क्या मिल गया। लेकिन उन्होंने रिकॉर्ड बना लिया है।

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