ट्रेन में सवार होने के पहले बैग सैनिटाइजेशन फीस वसूल रहा रेलवे

 

ट्रेन में सवार होने के पहले बैग सैनिटाइजेशन फीस वसूल रहा रेलवे अगर ट्रेन से कहीं जाने के लिए स्टेशन पर पहुंच गए हैं, तो बैग सैनिटाइज कराने के लिए अपनी जेब में अलग से पैसे जरूर रख लें। ऐसा इसलिए क्योंकि इस कोरोना महामारी के समय में स्टेशनों पर बैग सैनिटाइज कराने के बदले 10 रुपये प्रति बैग की दर से फीस की वसूली की जा रही है। इस समय सोशल मीडिया पर रेलवे की ओर से वसूली जाने वाली बैग सैनिटाइजिंग फीस वाली रसीद वायरल हो रही है। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर बुधवार को एक ब्लॉगर अमित मिश्रा ने अपने अकाउंट से मथुरा के रेलवे स्टेशन पर वसूली जा रही बैग सैनिटाइजिंग फीस वाली रसीद की तस्वीर ट्वीट किया है। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है,'मथुरा रेलवे स्टेशन पर हर बैग पर 10 रुपये का चार्ज है।

अगर ट्रेन से कहीं जाने के लिए स्टेशन पर पहुंच गए हैं, तो बैग सैनिटाइज कराने के लिए अपनी जेब में अलग से पैसे जरूर रख लें। ऐसा इसलिए क्योंकि इस कोरोना महामारी के समय में स्टेशनों पर बैग सैनिटाइज कराने के बदले 10 रुपये प्रति बैग की दर से फीस की वसूली की जा रही है। इस समय सोशल मीडिया पर रेलवे की ओर से वसूली जाने वाली बैग सैनिटाइजिंग फीस वाली रसीद वायरल हो रही है। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर बुधवार को एक ब्लॉगर अमित मिश्रा ने अपने अकाउंट से मथुरा के रेलवे स्टेशन पर वसूली जा रही बैग सैनिटाइजिंग फीस वाली रसीद की तस्वीर ट्वीट किया है। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है,'मथुरा रेलवे स्टेशन पर हर बैग पर 10 रुपये का चार्ज है।
खबर यह भी है कि रेलवे की ओर से बैग सैनिटाइज कराने के लिए भले ही प्रति बैग 10 रुपये निर्धारित किया गया हो, लेकिन देश के कई रेलवे स्टेशनों पर इसके नाम पर जोरदार कमाई की जा रही है। रेलवे स्टेशनों पर बैग सैनिटाइज करने के नाम पर सवारियों से 30 से 40 तक वसूले जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट पर प्रवेश करते ही सवारियों को प्लेटफॉर्म की तरफ तब तक नहीं बढ़ने दिया जाता, जब तक वे सभी छोटे-बड़े बैग और झोलों को सैनिटाइज नहीं करा लेते। इसके लिए उन्हें मजबूर किया जाता है। देश में केवल मथुरा, दुर्ग और रायपुर रेलवे स्टेशनों पर ही बैग सैनिटाइजेशन फीस की वसूली की जा रही है, बल्कि बिहार की राजधानी पटना, राजेंद्र नगर टर्मिनस, कानपुर, नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी अनाप-शनाप पैसे की वसूली की जा रही है। ट्विटर पर एक अन्य व्यक्ति ने ट्वीट किया कि पटना में भी यही हाल है।

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