कलमनाथ का मोदी सरकार पर हमला, क्या पेगासस को मोदी सुरक्षा के लिए खरीदा गया?

 

पेगासस जासूसी कांड मामला को लेकर केन्द्र की मोदी सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जमकर हमला किया। कमलनाथ ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाकर कहा कि अगर पेगासस खरीदकर जासूसी नहीं कराई है ,तब सुप्रीम कोर्ट में सरकार हलफनामा दे।
बता दें कि कमलनाथ ने कहा कि 15 दिन में पेगासस मामले में और अधिक खुलासे होने वाले हैं। इसका खुलासा इंटरनेशनल मीडिया ने किया है। जिसके बाद फ्रांस ने इंवेस्टिगेशन शुरू कर दी है। सेलफोन कंपनियां सरकारों को कोड भेजती हैं। इसके जरिए वॉइस रिकॉर्डिग होती है।नाथ ने कहा, देश में 300 फोन टेप हुए हैं। अब तक 15 के नाम सामने आए हैं। पेगासस ने दुनिया में 55 हजार फोन टेप किए हैं। उन्होंने अनुमान लगाया कि शायद पेगासस से सीएम शिवराज का भी फोन टेप किया हो।
दरअसल पेगासस सॉफ्टवेयर इंडिया में बेचा गया है।एक व्यक्ति का एक लाइसेंस होता है। जिस लाइसेंस को सरकार ने खरीदा है। भारत ने अकेला सॉफ्टवेयर नहीं खरीदा बल्कि लाइसेंस भी खरीदा है।कंपनियों को नंबर से नहीं पैसों से मतलब है। यह लाइसेंस खरीदने के लिए सरकारी कमेटी होती है। उन्होंने सवाल करते हुए पूछा है कि लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खरीदा गया या मोदी सुरक्षा के लिए खरीदा गया?
इस दौरान कमलनाथ ने मप्र की कांग्रेस सरकार गिराने में पेगासस का इस्तेमाल होने का अंदेशा जताया। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक में सरकार गिराने में पेगासस का इस्तेमाल हुआ।संभावना है मध्य प्रदेश सरकार गिराने में भी उसका इसका हुआ हो।
इस मौके पर पूर्व सीएम कमलनाथ अपनी बात से भी मुकर गए। उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं कहा कि पेगासस मामले में मेरे पास कोई फोन रिकॉर्डिंग की लिस्ट है। साथ ही कमलनाथ ने कहा कि पेगासस स्पाई वेयर 2017 में मार्केट में आया। प्रदेश में अपनी सरकार के वक्त मैंने किसी को फोन टैपिंग के लिए नहीं कहा।

From around the web

>