राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारतीय सेना की अहम भूमिका रही : राष्ट्रपति कोविंद

 
देश आज सेना दिवस मना रहा है। सैन्यकर्मियों के अदम्य साहस और उनकी राष्ट्रसेवा के लिए देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई दिग्गज नेताओं ने शुभकामनाएं और बधाई दी है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारतीय सेना की अहम भूमिका रही है और देश उनकी सेवा के लिए उनका आभारी है। कोविंद ने सेना दिवस पर मौजूदा और सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जवानों ने देश की सीमाओं की रक्षा करने और शांति बनाए रखने के दौरान पेशेवर रवैये, कुर्बानी और बहादुरी का परिचय दिया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मौजूदा और सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को सेना दिवस की शुभकामनाएं। राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारतीय सेना की अहम भूमिका रही है। हमारे जवानों ने सीमाओं की रक्षा करने और शांति बरकरार रखने के दौरान पेशेवर रवैये, बलिदान और बहादुरी का परिचय दिया। आपकी सेवा के लिए देश आपका आभारी है। जय हिंद।’ फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर इन चीफ के रूप में कार्यभार संभालने की याद में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। करियप्पा ने 1949 में भारतीय सेना के अंतिम शीर्ष ब्रितानी कमांडर से यह पदभार ग्रहण किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में हर साल 15 जनवरी का दिन बेहद खास होता है। जहां एक तरफ देश के कई हिस्सों में मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है वहीं भारतीय सेना के लिहाज से भी आज का दिन वीर और शौर्यता के लिहाज से बेहद खास माना जाता है। देश की सेना आज अपना 74वां सेना दिवस मना रही है। साल 1949 को इसी दिन फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने जनरल बुचर से भारतीय सेना की कमान ली थी। तब से लेकर अब तक इसे आर्मी डे के रुप में मनाया जाता है। केएम करियप्पा भारतीय आर्मी के पहले कमांजर इन-चीफ थे।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी आर्मी डे पर सेना के जवानों को बधाई दी और सैनिकों के साहस को सलाम किया। अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, भारतीय सेना के बहादुर जवानों, पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को थल सेना दिवस की शुभकामनाएं। मातृभूमि की रक्षा में सदैव तत्पर वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य व सर्वोच्च बलिदान को नमन करता हूँ। देश के प्रति आपकी निःस्वार्थ सेवा,समर्पण व प्रतिबद्धता हर भारतीय हेतु प्रेरणास्रोत है।
सेना दिवस के मौके पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी याद किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, भारत मां की सेवा और सुरक्षा के लिए पूर्ण सक्रियता से तत्पर रहने वाले त्याग, समर्पण, वीरता एवं बलिदान के प्रतीक राष्ट्र प्रहरियों एवं उनके परिवारों को भारतीय सेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। राष्ट्र के लिए अविस्मरणीय बलिदान करने वाले सभी वीर जवानों को मैं नमन करता हूं।
इस दिन की विशेषचता इसलिए -
भारतीय आर्मी का गठन 1776 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने कोलकाता में किया था। इस सेना पर देश की आजादी से पहले ब्रिटिश कमांडर का कब्जा था। साल 1947 में जब देश आजाद हुआ, तब भी भारतीय सेना का अध्यक्ष ब्रिटिश मूल का ही होता था। करीब 2 साल बाद 15 जनवरी 1949 में आजाद भारत के आखिरी ब्रिटिश कमांडर इन चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर ने भारतीय सेना की कमान भारतीय लेफ्टिनेंट जनरल के एम करियप्पा को सौंपी। ये आजाद भारत के पहले भारतीय सैन्य कमांडर बने। यह भारत के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। इसलिए 15 जनवरी को हर साल भारतीय सेना दिवस के तौर पर मनाया जाता है। आर्मी डे को सेलिब्रेट करने का एक मकसद उन सभी शहीदों को सलाम करना भी है, जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राण त्याग दिए और उन सैनिकों को भी सलाम करना है जो देश की सेवा में लगे हुए हैं।

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