देश के चार राज्यों में देर रात से सुबह तक भूकंप के झटके

 

देश के चार राज्यों में मंगलवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह सिलसिला बुधवार सुबह तक जारी रहा। बुधवार तड़के राजस्थान और लद्दाख में धरती हिली। नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी के अनुसार राजस्थान के बीकानेर में सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान तीव्रता 5.3 रही, हालांकि क्षेत्र पाकिस्तान था।

राजस्थान के बीकानेर में मंगलवार देर रात भी झटके महसूस किए गए थे। इस दौरान तीव्रता 4.5 थी और केंद्रबिंदु बीकानेर में था। यह भूकंप रात 11 बजकर 19 मिनट पर आया था। लद्दाख के लेह में सुबह 4 बजकर 57 मिनट में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.6 नापी मई। इसकी गहराई 200 किमी तक थी। किसी तरह की हताहत को कोई खबर नहीं है लेकिन बीते कुछ दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार भूकंप आ रहा है।

मेघालय में देर रात आया भूकंप

इससे पहले मंगलवार देर रात मेघालय और हरियाणा में भी भूकंप के झटके महसूस हुए। मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स में मंगलवार 2 बजकर 10 मिनट पर भूकंप आया। भूकंप की तीव्रता 4.1 रही जबकि गहराई 10 किमी थी। मेघालय में इससे पहले इसी महीने दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए।

हरियाणा में मामूली तीव्रता वाला भूकंप

वहीं हरियाणा के सोनीपत में भी 2 बजकर 6 मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। इस दौरान भूकंप की तीव्रता बेहद कम रही। रिक्टर स्केल में तीव्रता 2.1 रही। इससे पहले 1 बजकर 18 मिनट पर भी भूकंप आया और तीव्रता 2.3 नापी गई। किसी तरह की जनहानि की खबर नहीं है।

एक महीने में ही इतनी बार आया भूकंप

इस महीने देश के कई हिस्सों खासकर पूर्वोत्तर राज्य में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए। नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलॉजी के अनुसार 7 जुलाई से बुधवार सुबह तक 34 बार झटके महसूस किए गए। इस दौरान कई बार भूकंप की तीव्रता 2.9 से भी कम रही। मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम के अलावा उत्तराखंड, हिमाचल, लद्दाख, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में धरती कांपी।

भूकंप के दौरान क्‍या करें, क्‍या नहीं

राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने हाल ही में भूकंप के दौरान घर में कैसे सुरक्षित रहें, इस पर एक वीडियो साझा किया था। इसमें बताया गया था कि भूकंप के दौरान घबराहट या जल्‍दबाजी नहीं दिखानी चाहिए। शीशों और खिड़‍कियों से दूर रहें। अपने सिर को एक हाथ से ढंक लें। किसी मेज के नीचे बैठ जाएं और दूसरे हाथ से उसे पकड़कर रखें। जब बिल्डिंग हिल रही हो तो उससे बाहर नहीं निकलें। जैसे ही भूकंप का कंपन थम जाए वैसे ही घर या बिल्डिंग के बाहर आ जाएं।

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