municipal election bjp गढ़ बचाने भाजपा ने झोंकी ताकत

भोपाल। पिछले चुनाव में भले ही भाजपा ने सभी 16 नगर निगमों पर कब्जा किया था लेकिन इस बार उसे मजबूत गढो को बचाने के लिए भी पूरी ताकत झोंकनी पड़ी है इसके बावजूद भी अधिकांश जगह कांटे का मुकाबला है सोमवार शाम को शोर थमते ही डोर डोर दस्तक शुरू हो गई। दरअसल, कभी भाजपा को शहरों की पार्टी कहा जाता था लेकिन आज शहरों में भी भाजपा सहमी हुई है क्योंकि उसे नगर निगम चुनाव में कड़ी टक्कर मिल रही है। कहीं भाजपा के बागियों ने तो कहीं आप और बसपा ने ऐसे समीकरण बिगाड़े हैं कि परिणाम आने तक नेताओं की नींद उड़ी रहेगीI

पहले चरण में जिन नगर निगमों में 6 जुलाई को चुनाव होने जा रहे हैं उन क्षेत्रों में शाम 5:00 बजे तक भाजपा और कांग्रेस ने माहौल बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां इंदौर में सक्रिय रहे वही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने राजधानी भोपाल में रोड शो किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा भाजपा नेता मनोज तिवारी के साथ सागर पहुंचे और बाद में जबलपुर गए सभी जगह नेताओं ने एक तरफ जहां आम जनता से पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। वहीं कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र पर सतर्क और सजग रहने का आहवान किया।

जिस तरह से दोनों ही दलों का प्रचार अभियान चला उसमें भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया सिंधिया और पहलाद पटेल और मंत्री मंडल के सभी मंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में ताकत झोंकी। उसके बाद अभी कहीं भी कोई निश्चिंत नहीं है क्योंकि कांग्रेस की ओर से पहले प्रत्याशी चयन में बाजी मार ली और लगभग 10 दिन का अतिरिक्त समय कांग्रेस पार्टी को प्रचार के लिए मिल गया और महापौर के टिकटों में पार्टी में कोई विरोध भी नहीं हुआ उसके बाद पार्टी ने भाजपा को कड़ी चुनौती पेश की है।

जहां भाजपा के गढ़ है और पार्टी आसानी से चुनाव जीतती आ रही थी उसे उम्मीद ही नहीं थी उसे कि इस तरह की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। खासकर शहरी क्षेत्रों में लेकिन भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में पार्टी को कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा और कल 6 जुलाई को होने वाले मतदान को लेकर पार्टी नेता चिंतित हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने त्रिदेव कार्यकर्ताओं से 2 दिन मतदाताओं के घर-घर जाने की अपील की है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रत्याशी ही चुनाव लड़ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कांग्रेसियों की एकजुटता के भरोसे चुनाव फतेह करने की उम्मीद पाले हुए हैं। पिछले 2 दिन से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद जिस तरह से घरों में पानी भरा है और जगह-जगह जाम की स्थिति बनी है उसके बाद भाजपा की जहां चिंता बढ़ गई है। वही कांग्रेस जनता के आक्रोश को बढ़ाने में उत्प्रेरक का कार्य कर रही है।

कुल मिलाकर प्रदेश के पहले चरण के नगरीय निकाय के चुनाव जहां होना है वहां चुनाव प्रचार जरूर थम गया है लेकिन घर-घर दस्तक देना तेज हो गया है और सभाएं और रोड शो करने वाले नेताओं ने कंट्रोल रूम के माध्यम से बूथ स्तर पर नजर रखने के इंतजाम कर लिए हैं लेकिन जिस तरह से भाजपा को अपने गढो में चुनौती मिली है उससे भाजपा नेताओं की चिंता जरूर बढ़ गई है।

सक्रिय मानसून के बीच माहौल और मैनेजमेंट काम मुकाबला

एक तरफ जहां प्रदेश में मानसून सक्रिय हो गया है। वहीं दूसरी ओर नगरीय निकाय के चुनाव में आज 11 नगर निगमों मैं माहौल और मैनेजमेंट का महा मुकाबला होने जा रहा है “करो या मरो” की जंग में दोनों दलों ने पूरी ताकत झोंकने में कोई कसर नहीं छोड़ी है अब मतदाता की बारी है कि उसकी मेहरबानी किस पर है हालांकि पता इसका 17 जुलाई को चलेगा।

दरअसल जब कोई भी चुनाव होते हैं तो उसका असर चौतरफा दिखाई देता है प्रदेश में 133 निकायों और 11 नगर निगमों में आज होने वाले मतदान के लिए जहां राजनीतिक दलों ने तैयारियां जमकर की है वही प्रशासन को भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है 2 दिन से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय हो गया है जिसके कारण कई जगह घरों में जल भर गया है कई जगह हो गई है और कुछ जगह मतदान केंद्रों में ही पानी भर गया था जिसे प्रशासन ने खाली कराया है एवं मतदाता मतदान केंद्र तक पहुंच सके इसकी व्यवस्था की है और मतदान केंद्र पर पानी का भराव ना हो इसकी निकासी की व्यवस्था की है।

मतदान दलों को रवाना करने के लिए वाटर प्रूफ डोम बनाए गए थे जहां से चुनाव सामग्री का वितरण हुआ जब भी चुनाव होते हैं चुनाव में शराब और पैसा बांटने की चर्चा भी आम होती है इसका असर शराब की खपत बढ़ गई है। आपका फार्मूला तो इसका बड़ा कारण है ही साथ ही पंचायत चुनाव और नगर निकाय चुनाव के कारण देसी शराब और बीयर की खपत में उछाला आ गया है बियर की खपत 200% बढ़ने से दुकानों में उपलब्ध नहीं है कमी आ गई है और बाजार में जिस तरह से खरीद बिक्री बढ़ी है रोनक आई है उससे पैसा बांटने की भी शिकायत सही पड़ने लगी है।

बहरहाल, आज भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, खंडवा, सागर, उज्जैन, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, सतना और सिंगरौली नगर निगम के लिए मतदान होना है साथ ही राजगढ़, ब्यावरा, सीहोर, विदिशा, गंजबासौदा, डबरा, गुना, अशोकनगर, दतिय,ा पनागर, सीहोरा, अमरवाड़ा, सिवनी, वारासिवनी, नरसिंहपुर, करेली, गोटेगांव, गाडरवारा, बड़नगर, नीमच, शाजापुर, मंदसौर, मकरोनिया, रहली , छतरपुर, दमोह, पन्ना, इटारसी, बेतूल, आमला, हरदा, उमरिया, श्योपुर, पोरसा और अंबाह नगर पालिका के लिए भी मतदान होना है आज ही 86 नगर परिषद के लिए भी वोटिंग होगी।

कुल मिलाकर जिस तरह से नगरी निकाय चुनाव के लिए दोनों दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है भाजपा को अपने गढो को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है बीच-बीच में मानसून के सक्रिय होने से जो जलभराव की स्थिति शहरों में बनी है उसके कारण माहौल और मैनेजमेंट का होने वाला महा मुकाबला और भी पेचीदा हो गया हैI