maharashtra eknath shinde अलग होने पर अड़े एकनाथ

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गुवाहाटी। शिव सेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी को तोड़ने पर अड़े हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के फेसबुक लाइव के बाद उनको जवाब दिया और कहा कि यह गठबंधन बेमेल है, जिससे शिव सेना को नुकसान हो रहा है। उन्होंने ट्विट करके कहा कि शिव सेना की बेहतरी के लिए जरूरी है कि वह एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़े। ध्यान रहे शिंदे पहले भी इस गठबंधन को तोड़ कर भाजपा के साथ तालमेल की बात कर चुके हैं। हालांकि उन्होंने अब कहा है कि भाजपा की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।

शिंदे ने बुधवार की शाम को मराठी भाषा में किए ट्विट में लिखा है- पिछले ढाई साल में महाविकास आघाडी में फायदा दूसरे दलों को हुआ है और शिव सेना को केवल नुकसान हुआ है। दूसरे दल जहां मजबूत होते गए तो वहीं शिव सेना की ताकत कम होती चली गई। उन्‍होंने कहा कि पार्टी और शिव सैनिकों को टिकाए रखने के लिए अनैसर्गिक गठबंधन से बाहर निकलना जरूरी है। महाराष्ट्र के हित के लिए यह फैसला लेना बेहद जरूरी है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिंदे को मुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव दिया है, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया।

बहरहाल, शिंदे ने अपने गुट को असली शिव सेना बताते हुए पार्टी पर भी दावा किया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके साथ 46 विधायक हैं और वे ही असली शिव सेना हैं। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने 34 विधायकों के समर्थन वाली एक चिट्ठी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भेजी है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा में शिव सेना के 56 विधायक हैं। पार्टी तोड़ने के लिए 37 विधायकों की जरूरत है।

शिव सेना के 46 विधायकों के साथ होने का दावा करते हुए एकनाथ शिंदे ने पार्टी पर कब्जे का दावा कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे बाला साहेब ठाकरे के बताए रास्ते पर चलेंगे। शिंदे ने कहा कि महाविकास अघाड़ी का गठबंधन बेमेल है। इससे शिव सेना कमजोर हो रही है और एनसीपी व कांग्रेस मजबूत हो रहे हैं। इससे पहले शिव सेना ने व्हिप जारी कर बुधवार शाम पांच बजे पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई थी। लेकिन उससे करीब एक घंटे पहले एकनाथ शिंदे ने पार्टी व्हिप को अवैध बता चीफ व्हिप सुनील प्रभु को हटाने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उन्होंने अपने गुट के नेता भरत गोगावले को चीफ व्हिप पर नियुक्त कर दिया।

एकनाथ शिंदे का दावा है कि उनके पास 46 विधायक हैं। हालांकि, बुधवार को गुवाहाटी में उनके साथ शिव सेना के 35 विधायक थे। इनके अलावा दो निर्दलीय विधायक भी उनके साथ थे। बाद में तीन और विधायक महाराष्ट्र के भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के साथ गुवाहाटी के लिए रवाना हुए। इस तरह शिव सेना से बगावत करके एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल विधायकों की संख्या 40 पहुंच गई। सभी विधायकों को गुवाहाटी के रेडिसन ब्लू होटल में रखा गया है। इससे पहले मंगलवार की रात को ये विधायक गुजरात के सूरत पहुंचे थे, जहां से इनको बुधवार की सुबह गुवाहाटी ले जाया गया।