अगर पाना चाहते हो साथी साथ तो कर लो ये पांच काम, तुम्हारा साथी तुम्हे कभी छोड़कर नही जायेगा

 

शिकायते करना या गुस्सा करना बंद कर दो

शिकायते करना या गुस्सा करना किसी रिश्ते में होना आम बात है ये बात मैं भी मानता हूं। लेकिन हद से ज्यादा ऐसा करना भी कभी कभी रिश्ते के टूटने का कारण भी बन जाता हैं। ऐसा तब होता है जब सामने वाला आपसे बात करना बंद कर देता है या कभी कभी आपको मैसेज करता है। तो उस समय आपको उस समय तुम्हे अपने साथी से न तो शिकायत करना और नाहीं उस पर गुस्सा करना हैं। इससे क्या होगा समझो अब। तुम उससे शिकायते करना छोड़ देते हो या उस पर गुस्सा नही करते तब आपका साथी भी ये सोचने लगेगा कि “उसको अचानक से ऐसा क्या हुआ है जो मुझसे इतनी बाते करता था

मुझसे बात ना होने पर गुस्से में आ जाता था तो उसे अचानक से ऐसा क्या हुआ जो वो ना मुझसे ना ही बात कर रहा है या मुझपे गुस्सा कर कर रहा, कही उसे कोई दूसरी तो नही मिल गयी”। देखा क्या हुआ जब तुम्हे उससे शिकायते या गुस्सा करना बंद किया तो क्या हुआ। तो अब से जब भी आपका साथी आप को इग्नोर करो तो उससे नार्मल लो जैसे तुम तब करते हो जब तुम्हारा कोई दोस्त तुम्हारे मैसेज का रिप्लाई नही करता जैसे तुम्हे उसके मैसेज करने से फर्क नही पड़ता वैसा ही असर अपने साथी के मैसेज के रिप्लाई न आने पर करोगे तो देखना वो फिर से तुम्हे पहले की तरह करेगा जैसे पहले करता था/थी

खुद को नए नए लोगो से जोड़े नए नए दोस्त बना

अकसर मैंने ये देखा है कि रिलेशनशिप में आने के बाद ज्यादातर लोग नए रिश्ते बनाने छोड़ देते है और खुद को उसी इंसान तक सीमित रख लेते है जिनके साथ वो रिलेशन में हैं। अगर मेरी माने तो ऐसा करना बिलकुल गलत है। ऐसा करने से क्या होता है समझो अब जब तुम ऐसा करते हो तो आप दुनिया से कट जाते हो और इसका नुकसान आपको होता हैं और फायदा आपके साथी को होता है इससे उसे ये लगता है कि आपका उसके अलावा कोई कोई नहीं है और वो आपको अपने अनुसार जैसा भी चाहे चला सकता है और धीरे धीरे वो आपसे बोर होने के बाद आपको मैसेज करना भी बंद कर सकता हैं।

अब तुम ये सोचो अगर तुम उस इंसान को अपनी पूरी दुनिया ना मान कर बाकि लोगो से भी दोस्ती रखते और उनसे भी बातचीत करते तो क्या होता हो? तो होता ये की अब तुम्हारे साथी के मन में भी तुम्हे खोने का डर होता और उसे लगता अगर उसने तुम्हे कभी इग्नोर किया तो तुम्हारे पास और भी ऑप्शन्स है और उस समय तुम किसी दूसरे के पास भी जा सकते हो जो तुम्हे वैल्यू दे रहा है या दे रही हैं तो फिर वो तुम्हे भूल कर भी कभी इग्नोर नही करने वाला। देखा तो अगर चाहिए अच्छा रिलेशन तो कभी मत करो खुद को अभी साथी तक सीमित।

अपनी पर्सनालिटी को हमेशा इम्प्रूव करते रहो

ज्यादातर ये देखा गया हैं जब कोई किसी के साथ रिलेशनशिप में आ जाते है तो वो व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को सुधारना बंद कर देता हैं और ये भी एक बड़ा कारण हो सकता है आपके रिलेशन के अंत का या आपके पार्टनर में आपके प्रति आकर्षण के कम होने का। अब समझो की आप कैसे खुद की पर्सनालिटी को सुधार कर अपने रिश्ते को और भी अच्छा बना सकते हो। देखो सारा काम डर का है यहाँ भी।

कैसे तो ऐसे देखो जब आप लम्बे समय में रिलेशनशिप रहने के बाद भी खुद के व्यक्तित्व को सुधारने की कोशिश करते हो या सुधार लेते हो तो इससे आपके साथी के मन में डर आ जाता है कि मेरे होते हुए भी अब ये किसे इम्प्रेस करने के लिए इतना कुछ कर रहा है और जिस दिन ऐसा हुआ उसी दिन से आपका पार्टनर वो वो काम करना शुरू कर देगा जिससे आप हमेशा उसी के रहो और किसी ओर के पास ना जाओ।

ज्यादा समय मत दो

जी हां सही पढ़ा तुमने उसे ज्यादा समय नही देना। अब इसे ऐसे समझो हम उसी चीज़ की कद्र करते है जो मुश्किल से उपलब्ध होती हैं। तुम ही सोचो क्या तुम उस चीज़ की कद्र करोगे जो तुम्हे आराम से मिल जाये। तो अब से तुम्हे क्या करना है ? तुम्हे अब अपने साथी को कम से कम समय देना हैं इसी से तुम उसके दिल और दिमाग में बने रहोगे। लेकिन ऐसा तभी करना जब आपका साथी आपको हद से ज्यादा इग्नोर करे नही तो ये तरीका खुद तुम पे ही भरी पड सकता हैं।

ब्रेकअप और दूर जाने के लिए हमेशा तैयार रहो

देखो अब कभी कभी ऊपर बताये तरीके भी काम नही करते और हालात वैसे ही बने रहते है तो अब करे तो देखो तुम क्या करना है तुम्हे उससे दूर रहने या उससे ब्रेकअप के लिए तैयार रहना चाहिए। क्योंकि जब इतना सब करने के बाद भी आपसे बात नही करना नही चाहता तो फिर उसके पीछे समय बेकार करना बेकार है। इस रिलेशनशिप से बाहर आओ क्योंकि दुनिया में लोगो की कमी नही हैं। समझे?

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