High Court bans tourism activities उत्तराखंड की 30 नयी चोटियों में

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नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय (Uttrakhand High court) ने बुधवार को राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्र में 30 नयी चोटियों और ट्रेकिंग मार्गों पर पर्यटन गतिविधियों (tourism activities) पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी (Chief Justice Vipin Sanghi) और न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे (Justice RC Khulbe) की युगलपीठ ने अल्मोड़ा निवासी (resident of Almora) जितेंद्र यादव (Jitendra Yadav) की प्लास्टिकजनित कूडे लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए आज यह आदेश दिया। न्यायालय (court) ने साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) देहरादून (Dehradoon) को चार सप्ताह में पर्यावरण के लिहाज से एक समग्र ऑडिट रिपोर्ट (audit report) पेश करने को कहा हैै।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि उत्तराखंड पर्यटन विभाग (Uttarakhand Tourism Department) की ओर से प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये 30 नयी चोटियों व मार्गों को ट्रैकिंग (tracking routes) के लिये खोला गया है। इससे उच्च हिमालयी क्षेत्र (high himalayan region) में देशी और विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा और राजस्व में वृद्धि होगी लेकिन सरकार की ओर से यहां कूड़ा निस्तारण के लिये कोई ठोस उपाय नहीं किया गया है।

जिन नये ऊचाई वाले मार्गों को ट्रेकिंग के लिये खोला गया है उनमें नारायण पर्वत (Narayan Parvat), नर पर्वत, लमचिर दक्षिण, लमचिर, भगन्यू, पावागढ़, महालय पर्वत, यान बुक, रत्नागिरी (Ratnagiri) व लंदा लपाक शामिल हैं। इसी प्रकार नयी चोटियों में से कुछ के नाम हैं भृगु पर्वत, कालीढांग, ऋषिकोट, हिमस्खलन, मांडा-3, मांडा-2, गरूर पर्वत, देवतोली व ऋषि पर्वत आदि शामिल हैं। हालांकि सरकार की ओर से कहा गया कि इन जगहों में कूड़ा निस्तारण के मामले में पर्याप्त प्रावधान किये गये हैं।