डॉक्टर्स डेंगू में क्यों देते हैं बकरी का दूध पीने की सलाह, जानें क्या हैं इसके फायदे!

 

बरसात के दिनों में और इसके बाद होने वाली बीमारियों में एक बीमारी डेंगू है। यह एक ऐसा रोग है, जिसका समय पर इलाज शुरू नहीं किया जाए तो यह जान पर भी भारी पड़ सकता है। ऐसा देखा गया है कि जब भी डेंगू का प्रभाव बढ़ता है तो बकरी का दूध काफी महंगा हो जाता है। दरअसल कहा जाता है कि बकरी का दूध डेंगू में फायदेमंद होता है और इससे डेंगू को खत्म करने में काफी मदद मिलती है। ऐसे में जानते हैं कि आखिर बकरी के दूध में ऐसा क्या होता है, जिसकी वजह से डेंगू के रोकथाम में मदद मिलती है...

पहले आपको बता दें कि डेंगू में बुखार के साथ शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या काफी कम हो जाती है, जिससे डेंगू से रिकवर होने में काफी वक्त लग जाता है। हालांकि इस दौरान बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाता है और चमत्कारिक रुप से काम करता है। प्लेटलेट्स कम होने पर कई बार मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाई भी जाती है, ऐसे में बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाने में काफी मदद करता है।

 

बकरी के दूध में विटामिन बी 6, बी 12, सी एवं डी की मात्रा कम पाई जाती है। इसमें फोलेट बाइंड करने वाले अवयव की मात्रा ज्यादा होने से फोलिक एसिड नामक आवश्यक विटामिन होता है। बकरी के दूध में मौजूद प्रोटीन गाय, भैंस की तरह जटिल नहीं होता। इसी वजह से इसे पचाना ज्यादा मुश्किल नहीं होता और यह आसानी से पच जाता है। साथ ही यह रक्त कणिकाओं की संख्या में बढ़ाने का काम भी करता है।

वहीं बकरी के दूध पर की गई रिसर्च में पता चला है कि इस दूध में एक खास तरह का प्रोटीन शामिल है। ये ही वो प्रोटीन है जो डेंगू के मरीज में प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाता है। चिकनगुनिया में भी ये ही प्रोटीन काम करता है।

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