सिंघाड़ा कई बीमारियों को करता है दूर जानिए इसके फायदे

 

तालाब में उगने वाले तिकोने से सिंघाड़े में इतने औषधीय गुण होते है की लोग इसे मिनरल्स का पावर हाउस कहते है इसको लोग कच्चा और उबालकर खाते है सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल औषधीय गुणों के रूप में किया जाता है। 

 

जिन महिलाओं का गर्भपात गर्भाशय की दुर्बलता की वजह से हो जाता है उन्हें सिंघाड़ा जरूर खाना चाहे इसे खाने से गर्भाशय की दुर्बलता दूर होती है साथ ही गर्भस्थ शिशु को पोषण मिलता है। 

 

सिंघाड़े में आयोडीन और मैग्नीज जैसे तत्व होते है जो शरीर में थॉयरॉयड ग्रंथि को सुचारु रूप से चलने में मददगार माने जाते है। 

 

सिंघाड़ा शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकलने का काम करता है इसके अलावा ये पीलिया के रोग में भी लाभकारी है। 

 

ज्यादा नमक का सेवन करने से हमारे शरीर में सोडियम की मात्रा अधिक हो जाती है सोडियम शरीर में पानी को इकट्ठा करता है जिसकी वजह से शरीर में सूजन आती है और मोटापा बढ़ जाता है सिंघाड़े में मौजूद पोटेशियम इकट्ठे पानी को शरीर से बाहर निकलने में मददगार है। 

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