डिलीवरी के बाद भी होने वाले दर्द से बचने के ये है आसान उपाय

 
महिला को प्रसव के बाद भी उसे काफी संभलकर रहना पड़ता है। गर्भावस्‍था के दौरान शरीर में हार्मोन परिवर्तन के कारण कई बदलाव होते हैं, लेकिन प्रसव के बाद भी शरीर में कई प्रकार के बदलाव आते हैं। दर्द से पीडि़त महिला प्रसव के पहले सप्‍ताह में शरीर में बहुत परिवर्तन होता है जिसके कारण असहनीय दर्द होता है। युटरस में दर्द महसूस हो सकता है, खासकर स्तनपान कराने पर क्योंकि इससे युटरस सिकुड़ने लगता है। स्तनों में दर्द भी महसूस हो सकता है। आइए हम आपको प्रसव के बाद होने वाले दर्द से निपटने के बारे में जानकारी देते हैं। तो आइये जानते प्रसव के बाद दर्द से बचने के तरीके।

स्प्रे या क्रीम इस्तेमाल - रक्तस्राव के कारण गुदा में होनेवाले दर्द से छुटकारा पाने के लिए स्प्रे या क्रीम जैसी किसी दवा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

साफ़ सफाई का ध्यान रखे -  संक्रमण और गंध को रोकने के लिए योनि और गुदा के आसपास के हिस्से (पेरीनियल पार्ट) को हमेशा साफ सुथरा रखें।

गर्म पानी का सेक - पेरीनियल पार्ट के दर्द पर काबू पाने के लिए इस हिस्से को गर्म पानी से सेंक सकते हैं।

बर्फ का पैक का इस्तेमाल करे - प्रसव के बाद पहले दिन के दर्द और सूजन को कम करने के लिए अपने योनि और गुदा के आस पास के हिस्से पर थोड़ी-थोड़ी देर के लिए बर्फ का पैक रखें।

सेनिटरी पैड का इस्तेमाल - अपने सेनिटरी पैड को नियमित रूप से बदलते रहें।

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