जानिए पीरियड्स के रंग अलग-अलग क्यों होते हैं?

 

पीरियड्स के रंग आपकी अच्छी सेहत या खराब सेहत की ओर इशारा करते हैं। पीरियड्स के रंग के अलावा पीरियड्स के एक से दूसरे महीने का गैप या 21 से 35 दिनों के अंतराल में न आना भी आपको कई बार परेशान कर देता है। दरअसल हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार अगर पीरियड्स 21 से 35 दिनों के अंतराल पर न आए तो ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। रिसर्च के अनुसार अगर पीरियड्स के रंग में बदलाव आता है जैसे काले से भूरे या नारंगी जैसे अन्य रंग होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

पीरियड्स के कलर में निम्नलिखित रंग शामिल हैं। जैसे-


काले (Black)
भूरा (Brown)
गहरा लाल (Dark red)
ब्राइट लाल (Bright red)
गुलाबी (Pink)
नारंगी (Orange)
ग्रे (Grey)

क्या कहते हैं पीरियड्स के रंग?
पीरियड्स के रंग से सेहत का राज: ब्लैक या ब्राउन कलर का ब्लड आना
पीरियड्स के दौरान अगर ब्लैक कलर की ब्लीडिंग हो तो जरूरी नहीं है कि आप परेशान ही हों। पीरियड्स के दौरान आने वाला काला रंग दरअसल ब्राउन रंग को दर्शाता है।

काले या भूरे रंग के ब्लड का मतलब है कि यह पुराना ब्लड है। रिसर्च के अनुसार ब्लैक ब्लड को यूट्रस से आने में ज्यादा वक्त लगता है। पुराना होने की वजह से ब्लड के कलर में बदलाव आता है। पीरियड्स के रंग में ब्राउन ब्लड के अलग-अलग अर्थ भी होते हैं, जिसे समझना बेहद जरूरी है।

From around the web