शिशु को बोतल से दूध पिलाते वक़्त रखे इन बातों का विशेष ख्याल

 
शिशु को बोतल से दूध देना कभी कभी जरुरी हो जाता है। यूँ तो स्तनपान का कोई विकल्प नहीं हो सकता लेकिन कुछ हालात में बच्चे को बोतल से दूध पिलाना पड़ सकता है। बोतल में दूध कब, कैसे भरना चाहिए और कब कब बोतल का बदलना अनिवार्य हैं इन सभी बातों का ध्यान रखना होगा। ऐसा ना करने पर बच्चे का स्वस्थ खतरे में भी पढ़ सकता हैं। इन बातों का ख्याल रखे....

1. हर चार से छ: महीने में बच्चे के दूध की बोतल बदल ऐना चाहिए।  बीपीए फ्री बोतल को 6 महीने बाद और नॉन-बीपीए फ्री बोतल को 3 महीने बाद बदल लेना उचित होता हैं।
 


2. अगर बोतल में दरार दिखती है, वो लीक करती है तो तुरंत उसे बदल दें।

3. अगर बोतल बदरंगी हो रही है तो भी उसे बदल लेना चाहिए वर्ना इस स्थिति में उस पर हजारों जर्म्स आ जाते हैं।

4. अगर आप कांच की बोतल का इस्तेमाल करते हैं तो बच्चे को उससे दूध पिलाने से पहले उसे बारीकी से जांचें।

5. हर दो महीने में दूध की बोतल का निप्पल बदल ले।
 


6. अगर निप्पल का रंग बदल रहा है या उसका छेद बड़ा हो रहा है तो उसे फौरन बदल लें।

7. अगर निप्पल बोतल में फिट नहीं हो रहा, तो भी उसे तुरंत बदल लें। ऐसा जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किए जाने पर होता है।

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