अगर आपके पीरियड ब्लीडिंग के दौरान खून के थक्के निकल रहे हैं तो हो जाइए सावधान!

 

महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट दर्द, ब्लोटिंग, कब्ज, एसिडिटी जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि यह सभी नॉर्मल प्रॉब्लम्स है जो अवधि खत्म होने के बाद खुद ब खुद ठीक हो जाती है। मगर पीरियड्स को दौरान अगर खून के थक्के बन रहे हैं तो उसे हल्के में ना लें क्योंकि यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

कैसे पहचानें ब्लड क्लॉटिंग?
अगर ब्लीडिंग में काफी गाढ़ा थक्के युक्त खून बाहर निकल रहा है तो जान लें कि यह क्लॉटिंग हैं। ऐसा अधिकतर महिलाओं के साथ होता है। खून के गाढ़े थक्के देखकर डरे नहीं लेकिन इसे इग्नोर भी ना करें।

क्यों बनते हैं क्लॉटस?
दरअसल, ब्लड क्लॉटिंग एक जटिल रासायनिक प्रक्रिया है, जिसके कारण खून ज्यादा देर नहीं बहता। अगर खून के थक्के नहीं जमेंगे तो आपका ब्लड लगातार बहता ही रहेगा। आपने देखा होगा कि चोट लगने पर खून बहने लगता है जो क्लॉट्स बनने पर ही रुकता है। यह सबके लिए बहुत ही फायदेमंद है।

पीरियड्स के दौरान क्लॉटस बनने का कारण?
पीरियड्स के दिनों में गर्भाशय के अंदर की परत टूटकर बाहर निकलती है जिससे रक्त बहने लगता है लेकिन ज्यादा खून बहना अच्छा नहीं है। जब शरीर में पीरियड वाला ब्लड बाहर निकलने वाला होता है उससे पहले ही शरीर एंटीकागलेंट्स का स्त्राव करने लगता है जिससे ब्लड गाढ़ा हो जाता है और थक्के बनने शुरू हो जाते हैं। पीरियड के दौरान हैवी ब्लीडिंग शुरू होने के बाद क्लोटिंग स्टार्ट हो जाती है। इससे खून अधिक मात्रा में बाहर नहीं निकलता।

क्या खतरनाक है क्लॉटिंग?
-अगर किसी मेडिकल इंफेक्शन या गर्भपात की वजह से हैवी ब्लीडिंग हो रही है तो यह खतरे की बात है। ऐसे में आपको डॉक्टर से तुरंत चेकअप करवाना चाहिए। वहीं फाइब्राइड (Fibroids) के कारण भी क्लॉटिंग की समस्या हो सकती है।

-शोध में यह बताया गया कि मध्यम उम्र की लगभग 70% महिलाए फाइब्राइड (Fibroids) की समस्या से ग्रस्त हैं। कुछ महिलाओं में पीरियड के शुरुआती 5 सालों और मेनोपॉज के ठीक 1 साल पहले ब्लड क्लॉटिंग की समस्या होती है।

-वहीं पीरियड्स ब्लड के एकत्रित होकर चिपकने से रक्त का थक्का बन जाता है, ये अलग-अलग आकार के होते हैं और अगर ये बहुत बड़े आकार के हो तो चिकित्सक से परामर्श लें।

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