काजू खाने से होते हैं फायदे ही फायदे

 

 काजू का सेवन करना स्वास्थ्य के ‎लिए बहुत ही लाभदायक होता है। काजू में बादाम, मूंगफली और अखरोट जैसे कई अन्य नट्स की तुलना में थोड़ा कम फैट और कैलोरी होती है। काजू की एक सर्विंग में एवरेज लगभग 137 कैलोरी होती है, लेकिन 2019 में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि मानव शरीर केवल इन कैलोरी का लगभग 84 फीसदी ही एब्जोर्व कर सकता है। अमेरिका में 100 मिलियन से अधिक वयस्क हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित हैं। 2019 में के एक अध्ययन के अनुसार, काजू खाने को ब्लड प्रेशर को कम किया जा सकता है।
काजू का सेवन ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को भी कम करता है। ये रक्त में एक प्रकार का फैट है जो आपके स्ट्रोक, हार्ट अटैक और हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, मार्केट में आने वाले कई पैकेज्ड या सॉल्टेड काजू ब्लड प्रेशर को बढ़ा भी सकते हैं।कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार के होते हैं। एलडीएल, जो धमनियों में हानिकारक फैटी बिल्डअप का कारण बनता है और एचडीएल, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को धमनियों से दूर करके आपके हृदय की रक्षा करता है। एक अध्ययन में पाया गया कि काजू को अपने आहार में शामिल करने से बेड एलडीएल कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है। इतना ही नहीं, बल्कि एक अध्ययन से पता चला है कि काजू से भरपूर आहार गुड एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। अध्ययन में, टाइप 2 डायबिटीज वाले लोग, जिन्होंने काजू को अपनी डाइट में शामिल किया, उनमें काजू न खाने वालों की तुलना में इंसुलिन का स्तर कम था। इंसुलिन के स्तर को कम रखने से ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखा जा सकता है। यू।एस। में स्ट्रोक, श्वसन रोग, डायबिटीज और अल्जाइमर सहित हृदय रोग मृत्यु का प्रमुख कारण है। शोध में पाया गया कि सप्ताह में चार बार से अधिक नट्स खाने वालों के लिए हृदय रोग का खतरा 37फीसदी कम था।
एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि जब टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों ने 12 सप्ताह तक रोजाना 30 ग्राम कच्चा, अनसॉल्टेड काजू खाया, तो उन्हें हृदय संबंधी समस्याओं में कमी महसूस हुई। उनका ब्लड प्रेशर कम होने के साथ एचडीएल कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता हुआ नजर आया। काजू मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड का एक अच्छा सोर्स हैं, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद कर सकते हैं। कॉपर पूरे शरीर में विभिन्न कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसमें हृदय गति और ब्लड प्रेशर कंट्रोल, लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन, हड्डियों का विकास, ब्लड वेसल और कनेक्टिव टिशू का विकास और प्रतिरक्षा प्रणाली का एक्टिवेशन शामिल है। काजू खाने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कॉपर मिल सकता है।नट्स और सीड में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। एंटीऑक्सिडेंट वो कम्पाउंड होते हैं जो आपके शरीर में क्षति पैदा करने वाले फ्री रेडिकल्स को बेअसर कर सकते हैं। इस प्रकार एंटीऑक्सिडेंट शरीर को बीमारी से बचा सकते हैं और सूजन को कम कर सकते हैं। काजू में पॉलीफेनोल्स और कैरोटेनॉइड नामक दो प्रकार के एंटीऑक्सिडेंट होते हैं। हालांकि, रोस्टेड काजू में कच्चे की तुलना में अधिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि नट्स खाने से शरीर का वजन बढ़ सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है।
अध्ययन से पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से नट्स खाते हैं, उनके वजन को मेंनटेन की संभावना उन लोगों की तुलना में अधिक होती है जो नहीं ऐसा नहीं करते हैं। क्योंकि नट्स प्रोटीन, फाइबर और फैट का पावरहाउस है, जो लंबे समय तक भूख का एहसास नहीं होने देता। बता दें ‎कि काजू न केवल प्रोटीन, फाइबर और स्वस्थ वसा से भरपूर होते हैं, बल्कि इनमें कई तरह के विटामिन और मिनरल्स भी मौजूद होते हैं। ये आपके शरीर के कई अलग-अलग तरीकों से फायदेमंद होते हैं। काजू अमेरिका में सबसे ज्यादा लोकप्रिय ड्राई फ्रूट है। बेहतर ब्लड शुगर कंट्रोल से लेकर हृदय को स्वस्थ बनाने तक काजू हमारी सेहत के लिए लाभकारी होता है।

From around the web