Gyanvapi Masjid Supreme Court ज्ञानवापी मस्जिद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

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नई दिल्ली। वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में एक स्थानीय अदालत के आदेश से चल रहे सर्वेक्षण का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वाराणसी अंजुमन ए इंतेजामिया मस्जिद प्रबंधन कमेटी की ओर से सर्वोच्च अदालत में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे पर रोक लगाने की मांग की गई है। कमेटी ने अपनी याचिका में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह दस्तावेजों को देखेगी।

इससे पहले 21 अप्रैल को हाई कोर्ट ने वाराणसी की निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। निचली अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद में वीडियोग्राफी और सर्वे कराने के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था। बाद में मुस्लिम समुदाय के लोग कोर्ट कमिश्नर बदलने के लिए निचली अदालत में गए थे, लेकिन अदालत ने उनकी अपील खारिज कर दी और 17 मई तक सर्वे की रिपोर्ट पेश करने को कहा।

बहरहाल, निचली अदालत के सर्वे के आदेश के खिलाफ दायर याचिका हाई कोर्ट से खारिज होने के बाद मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ता के वकील ने ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे के मामले में यथास्थिति बरकरार रखने की मांग की थी। इस पर चीफ जस्टिस जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि बिना कागजात देखे आदेश जारी नहीं कर सकते हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट मामले की जल्दी सुनवाई करने को तैयार हो गया है।

याचिकाकर्ता के वकील हुफेजा अहमदी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि निचली अदालत के सर्वे का आदेश धर्म स्थल कानून 1991 के खिलाफ है। गौरतलब है कि एक दिन पहले गुरुवार की दोपहर वाराणसी की अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे 17 मई तक पूरा करने का आदेश दिया था और साफ कर दिया था कि ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे के लिए नियुक्त कमिश्नर अजय मिश्रा को नहीं बदला जाएगा। अदालत ने उनके अलावा विशाल सिंह और अजय प्रताप को भी दो सर्वे कमिश्नरों के रूप में जोड़ा है।