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Full Story Of Al Zawahiri In Hindi: आंखों का सर्जन कैसे बना आतंकियों का सरगना? अल जवाहिरी की कहानी

Al Zawahiri Real Story: यूएसए (USA) ने अपने कट्टर दुश्मन अयमान अल-जवाहिरी (Ayman al-Zawahiri) को आखिरकार मौत के घाट उतार दिया है. US Army ने 71 साल के अल-कायदा (Al Qaeda)  लीडर को अफ़ग़ानिस्तान के काबुल में ड्रोन स्ट्राइक करके निपटा दिया है. 

Real Story Of Ayman al-Zawahiri: अल जवाहिरी ने अपने आका ओसामा बिन लादेन (Osama bin Laden) की मौत के बाद आतंकी संगठन अल कायदा की कमान संभाली थी. उसे भी US ने वैसी मौत दी जैसी उसके आका ओसामा को थी थी. आज हम आपको अल जवाहिरी की कहानी बताने वाले हैं. कि कैसे एक अमीर घर में पैदा हुआ लड़का बड़ा होकर सर्जन बना और उसके बाद सबसे बड़े आतंकी संगठन का सरगना बन गया. 

कौन था अल जवाहिरी

Who Was Al Zawahiri: अल जवाहिरी का पूरा नाम अयमान मुहम्मद रबी अल-जवाहरी था. उसक जन्म 19 जून 1951 में मिस्र मतलब इजिप्ट देश के कायरो में हुआ था. अल जवाहिरी के अब्बू (Al Zawahiri Father) एक प्रोफेसर था और उसके चाचा 1 हज़ार साल पुराने अल अजहर यूनिवर्सिटी के ग्रांड इमाम था. जवाहिरी के नाना कायरो यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट और रियाद में किंग सऊद यूनिवर्सिटी का संस्थापक था. 

अल जवाहरी की पढाई 

Al Zawahiri Qualification: अल जवाहिरी बचपन से ही पढ़ने में होशियार था, उसकी पारिवारिक पृष्टभूमि ही शिक्षा से जुडी थी, वह अमीर खानदान से ताल्लुख रखता था. पैसे की कोई कमी नहीं थी. बचपन से ही उसने इस्लामिक लिक्ट्रचर को पढ़ना शुरू कर दिया था, वह इस्लामिक थिंकर सय्यद कुत्ब (Islamic Thinker Sayyed Qutb) के विचारों से काफी प्रभावित था. मतलब उसकी नज़र में दुनिया में सिर्फ दो प्रकार के लोग थे ”एक जो अल्लाह को मानते थे और दूसरे जो काफिर थे” वो ऐसे मुसलमानों को भी काफिर मानता था जो कट्टरपंथी नहीं थे. 1966 में  Sayyed Qutb को फांसी हो गई थी. 

डॉक्टर बनने के साथ आतंकी भी बन रहा था 

How Al Zawahiri Became A Terrorist: अल जवाहिरी जब सिर्फ 15 साल का था उसने एक मिलिटेंट सेल बना दिया था, जिसका मकसद सिर्फ मिस्र में सेक्युलर सरकार हटाकर इस्लामिक कानून स्थापित करना था. उसे गैर मुस्लिम यानी खाफिर पसंद नहीं थे. उसका मकसद साफ था या तो सभी लोगों को इस्लाम कबूल करवाओ या मार डालो। अल जवाहिरी के मिलिटेंट सेल की शुरुआत 1966 में हुई थी तब सिर्फ 5 लोग 15 साल के कट्टरपंथी विचारों वाले बच्चे से जुड गए थे और 1974 तक 40 मेंबर इस ग्रुप में शामिल हो गए थे. 

एक तरफ वह कायरो विश्वविद्यालय में मेडिकल की पढाई कर रहा था तो दूसरी तरफ अपना मजहबी मकसद पूरा करने के लिए मिलिटेंट ग्रुप संचालित करता था. 1974 में वह ग्रेजुएट हो गया, डॉक्टर बन गया और तीन साल तक आर्मी में नौकरी की, 1978 में उसने सर्जरी में मास्टर्स की डिग्री लेकर आँखों का सर्जन बन गया. 

अल जवाहिरी की बीवी अज्जा उससे भी ज़्यादा कट्टर थी 

अल जवाहिरीकी बीवी का नाम अज्जा था, जो उससे भी ज़्यादा मजहबी थी. जो बुर्का पहनती थी, दिनभर मजहबी किताबें पढ़ती थी, दोनों को मुलाकात परिवार के जरिये हुई लेकिन अल जवाहिरी ने अज्जा का चेहरा देखे बिना उससे निकाह किया था, अज्जा के कहने पर निकाह में फोटो और म्यूजिक का अरेंजमेंट नहीं किया गया था क्योंकि दोनों ही इस्लाम के मुताबिक हराम हैं. 

 अज्जा का चेहरा सिर्फ अल जवाहिरी ने ही देखा होगा, साल 2001 की बात है जब अमेरिकी हमले में अज्जा मलबे में दबी थी तब उसने लोगों से उसकी मदद करने से मना कर दिया था कि कहीं उसे बचाने वाले उसका चेहरा ना देख लें. 

अल जवाहिरी का परिवार 

Al Zawahiri Family: अल जवाहिरी और उसकी बीवी अज्जा के 5 बच्चे थे जिनमे से 4 बेटी और एक बेटा था. वो कहां है कुछ मालूम नहीं 

अल जवाहरी की कहानी 

Story Of Al Zawahiri: 1981 में इजिप्ट के पूर्व राष्ट्रपति अनवर सादात (Former President of Egypt Anwar Sadat) की हत्या में शामिल अल जवाहरी को गिरफ्तार कर लिया गया, अधिकारी ने उसे थप्पड़ मारा तो जवाहिरी  ने भी उसे थप्पड़ मार दिया था. बाद में उसकी इतनी कुटाई हुई के उसने अपने साथियों के नाम उगल दिए. 

लेकिन उसे अपने साथियों को धोखा देने का बहुत पछतावा था, जब वो 1984 में जेल से छूटा तो देश छोड़कर सऊदी अरब और पेशावर में रहने लगा, जहां उसकी मुलाकात अल-कायदा के आका ‘ओसामा बिन लादेन से हुई’ जवाहिरी, लादेन का पर्सनल डॉक्टर बन गया. 

अल जवाहिरी से अमेरिका की क्या दुश्मनी थी 

What was America’s enmity with Al Zawahiri: 11 सितम्बर 2001 में USA में 9/11 हमला हुआ था, जिसमे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में अल कायदा ने दो चार्टर्ड प्लेन को हाइजेक करके टकरा दिए थे. तीसरा प्लेन भी हाइजेक कर उसे पेंटागॉन में क्रैश करवाया गया था. इस हमले में 93 देशों के 2,977 लोग मारे गए थे. 9/11 दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी हमला था. 

इस हमले का मास्टरमाइंड लादेन को माना जाता था, लेकिन CIA और FBI का मानना था कि इस हमले में अल जवाहरी का हाथ था जो बिन लादेन का दिमाग था. अल जवाहिरी ही सभी आतंकी हमलों की जिम्मेदारी रखता था. 

1993 में जवाहरी ने 4 अक्टूबर के दिन सोमालिया में अमेरिकी सैनिकों की हत्या करवाई थी, उस वक़्त सोमालिया में अल कायदा के खिलाफ अमेरिका युद्द लड़ रहा था, तब मिलिशिया के लीडर जनरल आईदीद के लड़ाकों ने सोमालिया की राजधानी मोगदिशु में दो अमेरिकी हेलीकॉप्टर क्रैश करके 18 US सैनिकों को मार डाला था. 

7 अगस्त 1998 में नैरोबी, केन्या और तंजानिया के दार एस सलाम में अमेरिकी एम्बेसी के सामने धमाका हुआ था जिसमे 224 लोग मारे गए थे जिनमे 12 अमेरिकी नागरिक थे. इस हमले के पीछे भी जवाहिरी था. 

सन 2000 में अदन के यमन समुद्री पोर्ट में अल कायदा के आतंकी ने विस्फोटक से भरी नाव से अमेरिकी युद्द पोत USS Coal पर आत्मघाती हमला किया था जिसमे 17 अमेरिकी नागरिक मारे गए थे 

2005 में हुए लंदन बम धमाकों में भी जवाहिरी की भूमिका थी जिसमे 56 लोग मारे गए थे, जवाहरी ब्रिटेन को इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन मानता था 

जो अमेरिका के लिए खतरा बनेगा हम उसे नहीं छोड़ेंगे 

Al-Zawahiri Death: 31 जुलाई के दिन अल जवाहिरी को ड्रोन स्ट्राइक में US ने मार डाला और अपने देश में हुए आतंकी हमलों का बदला ले लिया। इस मौके पर अमेरिकी प्रेसिडेंट Joe Biden ने कहा- अमेरिका और अमेरिकियों के लिए जो खतरा बनेगा उसे हम नहीं छोड़ेंगे, हम अफ़ग़ानिस्तान में हमला जारी रखेंगे। 

उनहोंने पहले ट्ववीट करके बोला था- शनिवार को मेरे निर्देश पर अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान के काबुल में हवाई हमला किया, जिसमे अलकायदा का अमीर अयमान अल जवाहिरी मारा गया. इंसाफ हो गया.  

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