Electric Vehicle Subsidy: खुशखबरी, अब यहां 10 लाख रुपये तक सस्ती मिलेगी इलेक्ट्रिक गाड़ियां..

Electric Vehicle Subsidy: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण पर जोरो से काम किया जा रहा है. केंद्र सरकार एवं राज्यों की सरकार नए-नए पॉलिसी बनाकर इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण एवं खरीददारी को बढ़ावा दे रही हैं. इको फ्रेंडली होने के कारण इनके निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है. अगर आप भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है…

बता दें कि हरियाणा सरकार ने राज्य में नई इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी (Haryana Government Electric Vehicle Policy) को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने वालों को लाखों का फायदा होगा. जानकारी के मुताबिक हरियाणा सरकार की नई पॉलिसी के तहत राज्य में विभिन्न कीमतों की इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर एक्स्ट्रा डिस्काउंट दिया जाएगा.

Haryana Government Electric Vehicle Subsidy Policy: 

आइए जानते हैं हरियाणा सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के बारे में:

हरियाणा सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के अनुसार नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 15% तक का डिस्काउंट मिलेगा. हालांकि इसमें एक सीमा निर्धारित की गई है. बता दें कि अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने जा रहे हैं और उसकी कीमत 15 से 40 लाख के बीच है तो आपको इस पर 15% तक की छूट मिलेगी. यह छूट को अधिकतम 6 लाख तक सीमित किया गया है.

तो वहीं अगर आप 40 रुपए से 70 लाख के बीच की इलेक्ट्रिक कार खरीद रहे हैं तो तो आपको 15% तक की सब्सिडी दी जाएगी. यहां पर भी अधिकतम छूट 10 लाख तक निर्धारित की गई है.

हरियाणा सरकार की नई पॉलिसी के तहत अगर आप 40 लाख से कम कीमत वाली हाइब्रिड कार खरीदते हैं तो आपको यहां पर भी 15% की सब्सिडी दी जाएगी. जिसकी मैक्सिमम वैल्यू 3 लाख रखी गई है.


Haryana Government Electric Vehicle Policy 2022:

बता दें कि हरियाणा सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी सीमित समय के लिए ही पेश की गई है. इस ऑफर की आखिरी तारीख की पुष्टि होना अभी बाकी है. इस स्कीम की खास बात यह है कि ऑफर खत्म होने के बाद भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को मोटर व्हीकल टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में हमेशा छूट मिलती रहेगी.

बताते चलें कि हरियाणा सरकार की यह पॉलिसी केवल ग्राहकों के लिए ही नहीं इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के लिए भी बेहद खास है. इस नई पॉलिसी के तहत अगले 10 वर्षों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरर्स को राज्य में गुड सर्विस टैक्स (SGST) सरकार द्वारा वापस मिलेगा. इस पॉलिसी के अंतर्गत सभी साइज के ईवी उद्योग निगमों – माइक्रो, स्मॉल, मीडियम, लार्ज और मेगा को शामिल किया गया है।