economic and agricultural policies केंद्र की आर्थिक व कृषि नीतियों का विरोध

0
35

उदयपुर। नव संकल्प शिविर के दूसरे दिन शनिवार को कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार की आर्थिक व कृषि नीतियों को लेकर जोरदार हमला बोला। आर्थिक नीतियों को लेकर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने तो कृषि नीतियों को लेकर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंदर सिंह हुड्डा ने हमला बोला। चिदंबरम ने कहा कि कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियां देश हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि जीएसटी को खराब तरीके से लागू करने से राज्यों के सामने संकट खड़ा हो गया है। हुड्डा ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन आय की जगह किसानों का कर्ज दोगुना हो गया।

चिदंबरम ने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्यों को जीएसटी का पैसा समय पर नहीं दिया जा रहा है। आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार गलत कदम उठाते ही जा रही है। उन्होंने एक सवाल पर कहा- हम उदारीकरण से कदम पीछे खींचने के पक्ष में नहीं हैं। हम उदारीकरण के बाद की बात कर रहे हैं। ज्यादा गरीबी असमानता को बढ़ाती है। चिदंबरम ने कहा- इंडिया शाइनिंग कैंपने का उदाहरण आपको याद है, जब जनता ने इसे पूरी तरह ठुकरा दिया, क्योंकि उनके जीवन स्तर में बदलाव नहीं आया। मोदी सरकार फिर से इंडिया शाइनिंग कैंपेन को दोहरा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार महंगाई के लिए रूस-यूक्रेन युद्ध को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकती।

किसानों के मुद्दों को लेकर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कृषि पर बने इम्पावर्ड ग्रुप के संयोजक भूपेंदर सिंह हुड्‌डा ने केंद्र सरकार पर हमला किया। उनके ग्रुप ने न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर कानून बनाने और किसान कर्ज माफी पर आयोग बनाने जैसे कई सुझाव दिए है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा किया था वह तो पूरा नहीं किया, लेकिन किसानों पर कर्जा दोगुना हो गया।

हुड्डा ने केंद्र से किसान कर्ज आयोग बनाने की भी मांग की। उनके ग्रुप के सदस्य और छत्तीसगढ़ के मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसान न्याय योजना शुरू की गई है, इस योजना को पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। कृषि सहित सभी छह ग्रुपों की बैठक शनिवार की रात को होगी, जिसमें उनकी सिफारिशों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इन पर रविवार को अंतिम रूप से फैसला होगा और उनकी घोषणा होगी।