early retirement campaign समय से पहले रिटायर करने का अभियान

सेना में चार साल की नौकरी के बाद अब ऐसा लग रहा है कि भाजपा की केंद्र और राज्यों की सरकारें सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को 50 साल की उम्र में रिटायर करने के अभियान में जुटी है। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश सरकार ने इसका आधिकारिक आदेश जारी किया कि सभी विभाग 50 साल से ऊपर से ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों की पहचान करें, जो काम के निश्चित मानक को पूरा नहीं करते हैं। यानी अच्छा काम नहीं करते हैं। ध्यान रहे नौकरी करने वाले का अच्छा या बुरा काम एक सब्जेक्टिव मामला होता है। इसका मतलब है कि हर विभाग से चुन कर कुछ लोगों को रिटायर करने की तैयारी है। यह कामकाज पर आधारित होगा या किसी अधिकारी, नेता के पूर्वाग्रह पर आधारित होगा, वह बाद में पता चलेगा।

इस बीच इसी तरह का अधिकार दिल्ली के उप राज्यपाल कार्यालय ने जारी किया है। वित्त विभाग को अलग अलग विभागों में 50 साल से ज्यादा उम्र के कर्मचारियों और अधिकारियों की सूची बनाने को कहा गया है। साथ ही उनकी परफॉरमेंस रिपोर्ट बनाने को कहा गया है, जिसके आधार पर उनकी छंटनी होगी। इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी, जो रिपोर्ट की समीक्षा करेगी और कर्मचारी या अधिकारी को हटाने की सिफारिश करेगी। केंद्र सरकार ने पहले ही यह काम शुरू कर दिया है। एक तरफ लैटरल एंट्री के जरिए अधिकारियों को उच्च पदों पर लाया जा रहा है तो दूसरी ओर परफॉरमेंस रिपोर्ट के आधार पर कुछ लोगों को हटाने की तैयारी है। आने वाले दिनों में कुछ और राज्यों में यह प्रणाली अपना ली जाएगी।