टेक महिन्द्रा ने फोर्टिस के साथ मिलकर ऑफिस में कोविड केयर फैसिलिटी बनाया

 
आईटी कंपनी टेक महिन्द्रा ने फोर्टिस के साथ मिलकर नोएडा स्‍थित अपने ऑफिस के कैफेटेरिया को कोविड केयर फैसिलिटी में बदल दिया है। इस फैसिलिटी में 40 बेड हैं। टेक महिन्द्रा का यह कदम सराहनीय है क्योंकि इस वक्त देश में कोविड के मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों में बेड की कमी चल रही है। टेक महिन्द्रा की इस पहल की पुष्टि कंपनी के एमडी व सीईओ सीपी गुरनानी कर चुके हैं।
अब महिन्द्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिन्द्रा ने भी ट्वीट कर इस पहल की सराहना की है। आनंद महिन्द्रा ने ट्वीट में लिखा है कि खुद को सेल्फ मोटिवेटेड व एनर्जी से भरे लोगों से घिरा रखिए और आपके काम का अच्छा नतीजा जरूरी निकलेगा। टेकमाइटीज रुकने वाले नहीं होते और वे प्रेरित करते हैं। उन्हें अच्छे काम के लिए किसी प्रोत्साहन की जरूरत नहीं होती।
गंभीर रोगियों के लिए नहीं
टेक महिन्द्रा ने नोएडा के जिस ऑफिस के कैफेटेरिया को कोविड केयर फैसिलिटी में बदला है, वहां 40 में से 35 बेड पर मरीज शिफ्ट हो चुके हैं। हालांकि यह फैसिलिटी गंभीर रोगियों के लिए नहीं है। टेक महिन्द्रा की इस कोविड केयर फैसिलिटी में हल्के लक्षणों वाले संक्रमितों के लिए बेसिक मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर है ताकि अस्पताल में बेड न मिलने पर उन्हें यहां रखा जा सके। यह फैसिलिटी 24 अप्रैल से शुरू हो चुकी है।
इस उद्देश्य से किया था विकसित
एक रिपोर्ट के मुताबिक टेक महिन्द्रा के एक प्रवक्ता का कहना है कि पहले इस कोविड केयर फैसिलिटी को कंपनी के कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों के लिए विकसित किया गया था लेकिन हमने बाहर वालों को भी इसमें बेड पाने से नहीं रोका। जिसने भी मदद मांगी, हमने इजाजत दी। यहां संक्रमितों के आइसोलेट होने और उनक स्वस्थ होने के लिए एक बेसिक सेटअप है। फोर्टिस के डॉक्टर कॉल पर उपलब्ध रहते हैं और प्रबंधनीय ऑक्सीजन सपोर्ट मौजूद है।
SEZ के सदस्यों ने और फैसिलिटी विकसित करने की मांगी इजाजत
नोएडा के स्पेशल इकनॉमिक जोन यानी SEZ के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने नोएडा प्रशासन से अपील की है कि संसाधनों की उपलब्धता वाली कंपनियों को ऐसी कोविड केयर फैसिलिटी विकसित करने की इजाजत दी जाए। नोएडा सेज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अजय गोयल के मुताबिक वक्त आ गया है जब कंपनियां को इमरजेन्सी के लिए हाइपर लोकल फैसिलिटीज क्रिएट करने में अपना सहयोग देने की मंजूरी दी जाए। हम आगे आकर ऐसी और अधिक फैसिलिटीज क्रिएट करने में मदद करना चाहते हैं। इसके लिए प्रशासन की इजाजत चाहिए।

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