RBI ने नियमों में किए बदलाव, ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा भार, जानें नए नियम

 

कोरोना काल में महंगाई की मार झेल रही आम जनता को अब एक और तगड़ा झटका लगने वाला है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) एटीएम ट्रांजेक्शन (ATM Transaction) से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रहा है। जिसकी मार सीधे बैंक के ग्राहकों पर पड़ेगी। अब 1 जनवरी, 2022 से एटीएम से तय लिमिट से ज्यादा बार पैसे निकालने के बाद पर ग्राहकों को हर ट्रांजेक्शन पर 21 रुपये देने होंगे। अभी तक ये शुल्क 20 रुपये है।

इसी के साथ आरबीआई ने ये भी कहा कि, ग्राहकों के लिए हर महीने अपने बैंक एटीएम से 5 फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा जारी रहेगी। वे मेट्रो सिटी में दूसरे बैंक के एटीएम से तीन और नॉन- मेट्रो सिटी में 5 फ्री ट्रांजेक्शन भी करते रहेंगे। इसमें को परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

बढ़ेगी इंटरचेंज फीस
RBI ने जानकारी देते हुए कहा कि, बैंकों एटीएम ट्रांजेक्शन की इंटरचेंज फीस (Interchange fees) हर फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन 15 रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये और नॉन-फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन के लिए 5 से बढ़कर 6 रुपये कर सकेंगे। आरबीआई ने कहा कि बैंकों का एटीएम लगाने की लागत और रखरखाव का खर्च बढ़ गया है। साथ ही ग्राहक सुविधा को संतुलित रखने की आवश्यकता को देखते हुए शुल्क बढ़ाने की अनुमति दी गई है।

लंबे समय से नहीं हुए चार्जेज में बदलाव
आरबीआई ने कहा कि इन चार्जेज को बदले गए काफी लंबा समय हो गया है। एटीएम ट्रांजेक्शन के लिए इंटरचेंज शुल्क में अगस्त 2012 में बदलाव किया गया था, जबकि ग्राहकों द्वारा देय शुल्कों को अंतिम बार अगस्त 2014 में परिवर्तित किया गया था।

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