घरेलू वाहन कलपुर्जा उद्योग पकड़ेगा तेज रफ्तार, मिलेगा 15 लाख लोगों को रोजगार

 

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कमोडिटी की कीमतें बढ़ने एवं निर्यात में वृद्धि की बदौलत चालू वित्त वर्ष में घरेलू ऑटो कलपुर्जा उद्योग के राजस्व में 17 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई है। इक्रा की सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह बात कही गई है, हालांकि घरेलू ओईएम और निर्यात राजस्व पर सेमी कंडक्टर की कमी का प्रभाव है, जिसके कारण विकास पूर्वानुमानों को पहले के अनुमानों से तीन फीसदी घटाया गया है। इस वित्त वर्ष में ऑटो एंसिलरीज (एक्स-टायर) का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (ओपीएम) सामान्य स्तर से कम रहेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के कारण वाहन कलपुर्जा उद्योग के कमजोर प्रदर्शन ने पिछले साल इसके मुनाफे को प्रभावित किया है। हालांकि, कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर और उसकी रोकथाम के लिए फिर से लॉकडाउन को लागू किये जाने की संभावना इस उद्योग के विकास अनुमानों के लिए जोखिम है। रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में ऑपरेटिंग मार्जिन में क्रमिक रूप से सुधार होने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि पहली तिमाही में राजस्व की हानि की वजह से ऑपरेटिंग मार्जिन प्रभावित हुआ था।

विदेश से मांग का मिलेगा लाभ

इक्रा लिमिटेड की सहायक उपाध्यक्ष विनुता एस. ने कहा, घरेलू स्तर पर मांग मजबूत बनी हुई है लेकिन आपूर्ति-शृंखला और कमोडिटी की कीमतों में वृद्धि निकट भविष्य की चुनौतियां बनी हुई हैं। मांग और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि से इस उद्योग के राजस्व को समर्थन मिलेगा। भारतीय वाहन कलपुर्जा उद्योग के पास अमेरिका और यूरोप से काफी ऑर्डर हैं, लेकिन सेमीकंडक्टर की कमी चिंता का विषय है। लंबी अवधि में वाहनों के स्थानीयकरण पर ध्यान केंद्रित करने से उद्योग का अपेक्षाकृत मजबूत विकास होगा।

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