धनलक्ष्मी बैंक का शुद्ध लाभ करीब 11.5 प्रतिशत बढ़कर 6.79 करोड़ रुपये रहा

 
निजी क्षेत्र के धनलक्ष्मी बैंक का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून में करीब 11.5 प्रतिशत बढ़कर 6.79 करोड़ रुपये रहा।मुख्य रूप से फंसे कर्ज को लेकर प्रावधान कम होने से बैंक का लाभ बढ़ा है। वर्ष 2020-21 की तिमाही में बैंक को 6.09 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। धनलक्ष्मी बैंक ने कहा कि जून 2021 को समाप्त तिमाही में उसकी कुल आय 14 प्रतिशत घटकर 239.02 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले अवधि में 278.62 करोड़ रुपये थी। बैंक का सकल एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) यानी फंसा कर्ज बढ़कर कुल ऋण का 9.27 प्रतिशत रहा, जो एक साल पहले सामान तिमाही में सकल एनपीए 6.89 प्रतिशत था।
राशि के हिसाब से सकल एनपीए आलोच्य तिमाही में बढ़कर 641.53 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 464.45 करोड़ रुपये था। बैंक का शुद्ध एनपीए भी जून 2021 को समाप्त तिमाही में बढ़कर 4.58 प्रतिशत (300.86 करोड़ रुपये) रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2.18 प्रतिशत (140.04) करोड़ रुपये था। हालांकि बैंक का एनपीए और आपात स्थिति के लिए प्रावधान आलोच्य तिमाही में घटकर 2.10 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले इसी अवधि में 37.02 करोड़ रुपये था। बैंक के अनुसार रिजर्व बैंक के कोविड संबंधित दबाव के लिये पुनर्गठन योजना के तहत कुल 66 खातों को इसके अंतर्गत लाभ दिए है। इन खातों के एवज में प्रावधान 6.21 करोड़ रुपये रहा।

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