ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील का बड़ा फैसला, अपने प्लेटफॉर्म पर अब नहीं बेचेगी महंगे प्रोडक्‍ट

 

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्नैपडील Snapdeal ने एक बड़ा फैसला किया है। कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म पर हाई-एंड ब्रांड्स यानी बेहद महंगे प्रोडक्ट अब नहीं बेचने का फैसला किया है।

कभी स्नैपडील, ऐमजॉन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) को टक्कर देती थी लेकिन अब यह उन दोनों से बेहद पीछे है।

स्नैपडील के संस्थापक और सीईओ कुणाल बहल के अनुसार “पिछले कुछ वर्षों में हमने वैल्यू ई-कॉमर्स सेगमेंट पर बहुत तेजी से ध्यान केंद्रित किया है और हमारी रणनीति आगे भी इसी सेगमेंट के लिए रहेगी। हम उन ग्राहकों के बारे में बहुत स्पष्ट हैं जिन्हें हम सेवा दे रहे हैं और वे मुख्य रूप से वैल्यू शॉपर्स हैं इसलिए हम बहुत महंगे आइटम या महंगे ब्रांड नहीं बेचेंगे।”

भारत में कई वैल्यू रिटेलर

बहल ने कहा कि ‘भारत में कई वैल्यू रिटेलर्स हैं, जिनमें विशाल मेगामार्ट, वी मार्ट शामिल हैं। वैल्यू ई-कॉमर्स जरूरतों और ग्राहकों की सेवा के संदर्भ में जो हैं, उससे अलग नहीं हैं और कुछ मायनों में हम उनके व्यवसाय के ऑनलाइन समकक्ष का निर्माण कर रहे हैं।”

बेहद छोटे शहरों और गांवों में अभी भी डोरस्टेप सर्विस नहीं

बाजार के लोअर एंड (Lower End) की मांग को पूरा करने के लिए स्नैपडील ने अपने संसाधनों का उपयोग क्षमताओं का निर्माण करने के लिए किया है। ऐसा इसलिए ताकि वर्गीकरण में गहराई प्रदान की जा सके और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए अपनी आपूर्ति श्रृंखला को अनुकूल बनाया जा सके। बहल का कहना है कि “देश का एक बड़ा हिस्सा, विशेष रूप से बहुत छोटे शहरों और गांवों को अभी भी ई-कॉमर्स से डोरस्टेप सर्विस नहीं मिलती है। जब आप औसतन 200-400 रुपये की कोई चीज बिना किसी डिलीवरी शुल्क के बेचते हैं तो आपूर्ति श्रृंखला को डिजाइन करना और अनुकूलित करना महत्वपूर्ण हो जाता है।”

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