auction of 5G spectrum 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से मिले डेढ़ लाख करोड़

नई दिल्ली। सात दिन तक चली 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी सोमवार को पूरी हो गई। एयरटेल और जियो के बीच स्पेक्ट्रम के लिए हुई जोर-आजमाइश की वजह से नीलामी की प्रक्रिया सात दिन चली। संचार विभाग के अधिकारियों का अनुमान था कि दो दिन में नीलामी पूरी हो जाएगी। लेकिन नीलामी सात दिन तक चली और अंत में भारत सरकार को इसकी नीलामी से डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा मिले।

सरकार के जानकार सूत्रों से न्यूज एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक 5जी की नीलामी से सरकार को 1,50,173 करोड़ रुपए मिलेंगे। यह 5जी स्पेक्ट्रम की पहली नीलामी थी, जिसमें रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और गौतम अडानी के अडानी डाटा नेटवर्क्स ने बोली लगाई थी। सरकार ने कहा है कि 14 से 15 अगस्त तक कंपनियों को 5जी स्पेक्ट्रम आवंटित हो जाएंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि साल के अंत तक देश के ज्यादातर बड़े शहरों में 5जी सेवा शुरू हो जाएगी।

स्पेक्ट्रम नीलामी से डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा जुटाने के साथ ही सरकार ने स्पेक्ट्रम नीलामी से आय का पिछला रिकॉर्ड पार कर लिया है, जो 2015 में बना था। उस समय सरकार ने 4G स्पेक्ट्रम की बिक्री से 1.09 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। इस बार नीलामी में 4.3 लाख करोड़ रुपए के कुल 72 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम को नीलामी पर रखा गया है। इसकी वैधता 20 साल की होगी। अभी यह नहीं पता चल पाया कि किस कंपनी को कितना स्पेक्ट्रम आवंटित हुआ है लेकिन बताया जा रहा है कि रिलायंस जियो ने सबसे आक्रामक बोली लगाई और उसके बाद दूसरे नंबर एयरटेल रही।

वोडाफोन आइडिया ने भी प्राथमिकता वाले सर्किल में बोली लगाई, जबकि अडाणी डाटा नेटवर्क्स ने अपने प्राइवेट नेटवर्क के लिए 26 गीगाहर्ट्ज बैंड में 5जी एयरवेव के लिए बोली लगाई। बताया जा रहा है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश सर्किल में 18 सौ मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के लिए काफी लंबी बोली चली। जियो और एयरटेल की बोलियों के कारण इसकी कीमत भी बढ़ गई और नीलामी पूरी होने में काफी समय भी लगा। इस सर्किल में 10 करोड़ मोबाइल ग्राहक हैं। एक अनुमान के मुताबिक जियो की कुल स्पेक्ट्रम खरीद साढ़े 84 करोड़ रुपए से ज्यादा है, जबकि एयरटेल ने साढ़े 46 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का स्पेक्ट्रम खरीदा है।