17 साल पुराने खंगाले जाएंगे दस्तावेज, दोषियों पर होगी कार्रवाई

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बरेली, अमृत विचार। भुता विकासखंड की ग्राम पंचायत उम्मेदपुर भुता में सरकारी बाजार की नीलामी से प्राप्त धनराशि को दूसरे खाते में जमा किए जाने के मामले में सीडीओ ने जांच कमेटी गठित की है। ये कमेटी 17 साल में ग्राम पंचायत के अलावा दूसरे खाता से हुए लेनदेन के अलावा अन्य दस्तावेज को खंगालेगी। 10 वीडीओ व सचिव कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। प्रकरण में चार प्रधानों की भी संलिप्ता प्रथम दृष्टया पाई गई है। कमेटी की ओर से जांच शुरू कर दी गई है। सीडीओ ने जांच आख्या 15 दिन के अंदर दिए जाने के निर्देश दिए हैं।

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प्रकरण की जांच उपायुक्त ( श्रम रोजगार ), खंड विकास अधिकारी एवं सहायक लेखाधिकारी की संयुक्त समिति से कराई गई थी। जांच आख्या में स्पष्ट किया गया है कि बाजार नीलामी से प्राप्त आय का एक अलग बैंक खाता बड़ौदा बैंक ग्रामीण बैंक भुता में प्रधान व सचिव के संयुक्त नाम से 6 जनवरी 2005 से संचालित किया गया है। यह खाता रविकांत यादव सचिव एवं ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा खुलवाया गया था।

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तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी कुलदीप पांडेय, ग्राम विकास अधिकारी संजय कुमार गंगवार, ग्राम पंचायत अधिकारी अभय कुमार आर्य एवं ग्राम प्रधान द्वारा पंचायत राज अधिनियम में निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि आहरित की जाती रही है। जांच के दौरान ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव द्वारा मौखिक रूप से प्रश्नगत आहरित धनराशि को विकास कार्यों पर व्यय किया बताया गया। कोई अभिलेख व साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।

जांच आख्या से स्पष्ट है कि ग्राम पंचायत पर तैनात रहे ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान वित्तीय अनियमितता एवं बाजार नीलामी की धनराशि के गबन के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। जांच आख्या के आधार पर सीडीओ ने प्रकरण में ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी से रिकवरी कराने के निर्देश दिए हैं। तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को जिला मुख्यालय पर संबद्ध किया है। पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने के लिए जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह और जिला पंचायती राज अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को नामित किया गया है।

उम्मेदपुर भुता ग्राम पंचायत में अनियमितता मिलने के मामले में अलग से खोले गए खाते की जांच कराए जाने के लिए जिला विकास अधिकारी और जिला पंचायती राज अधिकारी को नामित किया गया है। जांच आख्या आने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी—जग प्रवेश, सीडीओ।

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