हाईकोर्ट ने निरस्त की IAS रामबिलास यादव की पत्नी कुसुम की अग्रिम जमानत याचिका

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नैनीताल, अमृत विचार। आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार पूर्व आईएएस अधिकारी रामबिलास यादव की पत्नी कुसुम यादव की अग्रिम जमानत याचिका को हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया।

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सरकार की तरफ से कहा गया कि कुसुम जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। बार बार विजिलेंस को ई मेल भेजकर समय मांग रही हैं। वह विजिलेंस के सामने पेश नहीं होना चाह रही हैं जबकि विजिलेंस ने उन्हें जून के महीने पूछताछ के लिए नोटिस दे दिया था। कुसुम यादव की तरफ से कहा गया कि लखनऊ में उनके मकान के डिमोल्यूशन के नोटिस आ गए हैं, अभी वे इलाहाबाद हाईकोर्ट के चक्कर काट रही हैं। जिसकी वजह से वह विजिलेंस के सामने पेश नहीं हो पा रही हैं।

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कुसुम यादव ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर कहा है कि विजिलेंस उनको कभी भी गिरफ्तार कर सकती है, इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जाय और वह विजिलेंस के सम्मुख अपना बयान दे सकें। जबकि उनके पुत्र व पुत्री ने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं।

पूर्व आईएएस रामबिलास यादव ने अपने बयान में विजीलेंस के सामने कहा था कि उनकी पत्नी ही सारा हिसाब किताब रखती हैं, इसी वजह से विजिलेंस उनको पूछताछ के लिए बार बार नोटिस दे रही है। उत्तराखंड कैडर के आईएएस अधिकारी डॉ रामविलास यादव को कुछ दिन पहले विजिलेंस ने आधी रात के बाद गिरफ्तार कर लिया था। उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड कैडर में आए यादव पर आय से करीब 550 गुना अधिक संपत्ति रखने का आरोप है। यूपी सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उत्तराखंड सरकार से सिफारिश की थी। इसके बाद अप्रैल 2022 में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जमा करने का मामला दर्ज किया गया था।

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