सिंगापुर सरकार ने राजपक्षे को कोई विशेष लाभ और छूट नहीं दी: मंत्री बालाकृष्णन

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सिंगापुर। सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने कहा कि श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को उनकी सरकार ने कोई विशेष लाभ, छूट या आतिथ्य-सत्कार नहीं दिया है। गोटबाया उनकी सरकार के खिलाफ श्रीलंका में हुए व्यापक प्रदर्शनों के बीच पिछले महीने देश छोड़कर सिंगापुर आए थे। वह 13 जुलाई को मालदीव पहुंचे और वहां से अगले दिन सिंगापुर आए।

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सिंगापुर में ‘‘निजी यात्रा’’ पर प्रवेश की अनुमति दिए जाने के बाद 73 वर्षीय गोटबाया ने संसद के अध्यक्ष को 14 जुलाई को अपना इस्तीफा ‘ई-मेल’ कर दिया था। बालाकृष्णन ने विपक्षी ‘वर्कर्स पार्टी’ के सदस्य एवं सांसद गेराल्ड गियाम के एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, ‘‘सिंगापुर सरकार किसी पूर्व राष्ट्राध्यक्ष या किसी सरकार के पूर्व प्रमुख को कोई विशेष लाभ, छूट और आतिथ्य-सत्कार नहीं देती है।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह, पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को भी कोई विशेष लाभ, छूट या आथित्य-सत्कार नहीं दिया गया।’’ सत्तारूढ़ ‘पीपल्स एक्शन पार्टी’ के सदस्य एवं सांसद यिप योन वेंग ने चिंता जताई कि सिंगापुर ‘‘राजनीतिक भगोड़ों के लिए पनाहगाह’’ न बन जाए, इसके जवाब में गृह एवं विधि मंत्री के. षण्मगुगम ने कहा, ‘‘जिन विदेशी नागरिकों के पास वैध दस्तावेज हैं और जो देश में प्रवेश संबंधी अनिवार्यताओं को पूरा करते हैं, उन्हें ही सिंगापुर में आने की अनुमति दी जाएगी।

इसके अलावा, हमारे पास हमारे राष्ट्रहित के मद्देनजर किसी भी विदेशी को प्रवेश न देने का अधिकार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि सिंगापुर आने वाला कोई विदेशी नागरिक अपने देश की सरकार के लिए वांछित है और उसकी सरकार उसे प्रत्यर्पित करने का आग्रह करती है, तो सिंगापुर सरकार अपने कानून के अनुसार उस सरकार की मदद करेगी।’’ राजपक्षे को सिंगापुर द्वारा एक नया वीजा जारी किया गया है, जिससे देश में उनका प्रवास 11 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।

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