साहब! मेरे बेटे का इलाज करवा दो, नहीं तो…

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शाहजहांपुर, अमृत विचार। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलसे बालक का इलाज नहीं करा पाने पर पीड़ित पिता ने संपूर्ण समाधान दिवस में मदद की गुहार लगाई। जिस पर सीडीओ ने उसे हर संभव मदद का आश्वासन दिया और एंबुलेंस के जरिये उसे जिला अस्पताल भिजवाया। इस दौरान कुछ लोगों ने उसकी नकद आर्थिक मदद भी की।

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तहसील जलालाबाद मुख्यालय पर समाधान दिवस चल रहा था, उसी समय करीब एक बजे गांव गुनारा का कल्लू नाम का शख्स एक ठेली पर 11वर्षीय बेटे नसीम को जख्मी हालत में लेकर पहुंचा। समाधान दिवस में बैठे सीडीओ श्याम बहादुर सिंह, उप जिला अधिकारी बरखा सिंह एवं बरेली मंडल के अपर आयुक्त प्रशासन अरुण कुमार को सूचना दी। वह लोग उठे और तहसील परिसर में जहां ठेली पर बालक लेटा हुआ था, वहां पहुंचे और उन्होंने चादर उठाकर देखी तो देखा बच्चे का पूरा शरीर बुरी तरह जख्मी था।

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सीडीओ ने जब इस बारे में जानकारी मांगी तो कल्लू ने बताया कि 22 जुलाई को गांव में तिराहे पर ठेले के पास बेटा चाट खाने गया था। ठीक उसी समय हाईटेंशन की जर्जर लाइन टूट कर बेटे के ऊपर गिर गई। जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। जिला अस्पताल से डॉक्टरों ने उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। लखनऊ में उसने तीस हजार की जांचें करवाई।

इसके बाद दस हजार और खर्च हो गया, परंतु समुचित इलाज न हो पाने के कारण और पैसों के अभाव के कारण उसको वहां से छुट्टी दे दी गई। पिता और माता अपने पुत्र को लेकर इलाज की आस लेकर तहसील मुख्यालय समाधान दिवस पहुंचे। जहां उन्होंने अपनी फरियाद रखी सीडीओ ने सीएमओ से बात कर उचित इलाज की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।

साथ ही कहा कि वह इसके लिए जो भी बन पड़ेगा आर्थिक और इलाज की मदद की जाएगी और उन्होंने तत्काल प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित यादव को बुलाकर झुलसे बालक को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। वहीं बालक की हालत देखने पर राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार ने एक हजार, जिला पंचायत कर्मचारी विनोद गुप्ता ने भी एक हजार एवं अनुज लेखपाल ने पांच सौ रुपये की मदद तुरंत पिता को उपलब्ध कराई। वही तहसील समाधान दिवस में पीड़ित ने प्रार्थना पत्र देकर मांग की कि बेटे का समुचित रूप से किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया जाए एवं विद्युत विभाग से क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।

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