समीक्षा: अंतर्राष्ट्रीय बाजार के रुख से तय होगी सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

0
71



मुंबई :अमेरिका में आसमान छूती महंगाई को काबू में करने के लिए फेड रिजर्व के ब्याज दरों में फिर तेजी वृद्धि करने के रुख से वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार सुस्त पड़ने की आशंका से हताश निवेशकों की बिकवाली के दबाव में बीते सप्ताह तीन प्रतिशत से अधिक लुढ़के सेंसेक्स और निफ्टी की चाल अगले सप्ताह अंतर्राष्ट्रीय बाजार के रुख से तय होगी।
बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 2041.96 प्रतिशत की बड़ी गिरावट लेकर लगभग नौ सप्ताह के निचले स्तर और 53 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 52793.62 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 629.1 अंक टूटकर 15782.15 अंक पर आ गया।
समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मझौली कंपनियों में भी तेजी रही। सप्ताहांत पर मिडकैप 1376.95 अंक लुढ़ककर 21815.66 अंक पर और स्मॉलकैप 1776.66 अंक उतरकर 25315.75 अंक पर रहा।
निवेश सलाह देने वाली कंपनी स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजार में यह लगातार पांचवें सप्ताह गिरावट रही है। दुनिया भर में आसमान छूती महंगाई और मौद्रिक सख्ती शेयर बाजारों के लिए प्रमुख ंिचताएं हैं। हालांकि अमेरिकी बाजार में विशेष रूप से तकनीकी शेयरों में बिकवाली बहुत गंभीर विषय है और पिछले दो कारोबारी सत्रों में कुछ स्थिरता आई है, जो निवेशकों को राहत प्रदान कर सकती है।’’ उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह के लिए कोई प्रमुख संकेत नहीं हैं इसलिए शेयर बाजार के लिए वैश्विक रुख महत्वपूर्ण होगा। हालांकि घरेलू मोर्चे पर भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) आईपीओ की लिंिस्टग घरेलू शेयर बाजार के लिए प्रमुख कारक होगी। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार बिक्री कर रहे हैं जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) अपनी बिक्री की भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं इसलिए उनका व्यवहार भी बाजार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही डॉलर इंडेक्स की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और रुपये की दिशा अन्य महत्वपूर्ण कारक होंगे।

दुनिया में ब्याज की ऊंची दरें और चीन में कोरोना की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन से वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका में हुई बिकवाली से सोमवार को कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सेंसेक्स 364.91 अंक टूटकर दो माह के निचले स्तर 54470.67 अंक पर और निफ्टी 109.40 अंक उतरकर 16301.85 अंक पर रहा। वैश्विक बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर धातु, पावर, यूटिलिटीज और रियल्टी समेत सोलह समूहों में हुई बिकवाली से शेयर बाजार मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 105.82 अंक टूटकर 54364.85 अंक और निफ्टी 94.70 अंक फिसलकर 16207.15 अंक पर आ गया।
अमेरिका में महंगाई के जारी होने वाले आंकड़े पर फेड रिजर्व के ब्याज दर को लेकर रुख के इंतजार में वैश्विक बाजार में आई तेजी के बावजूद घरेलू शेयर बाजार के गिरने का सिलसिला बुधवार को भी नहीं थमा और इंडस्ट्रियल्स, आईटी, दूरसंचार, कैपिटल गुड्स और टेक समेत 15 समूहों में हुई बिकवाली से सेंसेक्स 276.46 अंक उतरकर 54088.39 अंक और निफ्टी 72.95 अंक फिसलकर 16167.10 अंक पर आ गया।
अमेरिका में आसमान छूती महंगाई को काबू में करने के लिए फेड रिजर्व के ब्याज दरों में फिर तेजी वृद्धि करने के रुख से वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार सुस्त पड़ने की आशंका से हताश निवेशकों की बिकवाली के दबाव में विदेशी बाजारों के करीब डेढ़ वर्ष के निचले स्तर पर आने से गुरुवार को घरेलू शेयर में कोहराम मच गया। सेंसेक्स 1158.08 अंक का गोता लगाकर लगभग नौ सप्ताह के निचले स्तर और 53 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 52930.31 अंक और निफ्टी 359.10 अंक लुढ़ककर 16 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे 15808 अंक पर रहा।
वैश्विक बाजार में लौटी तेजी के बावजूद स्थानीय स्तर पर दूरसंचार, यूटिलिटीज, बैंंिकग, धातु और पावर समेत 10 समूहों में हुई बिकवाली से शेयर बाजार शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन भी गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 136.69 अंक की गिरावट लेकर 52793.62 अंक और निफ्टी 25.85 अंक फिसलकर 15782.15 अंक पर आ गया।

Looks like you have blocked notifications!