वित्तीय अनियमितता के दोषी एआरओ निलंबित, कोटेदारों को अतिरिक्त भुगतान करने का लगा था आरोप

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बरेली, अमृत विचार। वित्तीय अनियमितता के मामले में दोषी पाए गए एआरओ धर्मेंद्र सिंह को आखिरकार निलंबित कर दिया गया। वह फिलहाल बीमारी का हवाला देकर छुट्टी पर चल रहे हैं। बीते दिनों उनके खिलाफ आरोप लगे थे कि उन्होंने एसडीएम की अनदेखी कर कई कोटेदारों को अतिरिक्त भुगतान कर दिया था। मीरगंज विधायक के पास शिकायत पहुंची तो मामला खुला। एसडीएम ने जांच की तो एआरओ धर्मेंद्र सिंह दोषी पाए गए। पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी ने शासन को भेजी थी। वहीं अब एआरओ को खाद्य एवं रसद आयुक्त लखनऊ सौरभ बाबू ने निलंबित कर दिया है।

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मीरगंज क्षेत्र के एआरओ रहे धर्मेंद्र सिंह ने एसडीएम को अनदेखा कर अपने हस्ताक्षर से करीब 80 कोटेदारों को अतिरिक्त भुगतान कर दिया। पूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कोटेदारों को खाद्यान वितरण के लिए लाभांश और मालभाड़े का भुगतान किया जाता था। लेकिन सिंगल स्टेज व्यवस्था शुरू होने के बाद मालभाड़ा बंद कर दिया गया। बावजूद इसके एआरओ ने कोटेदारों को मालभाड़े का भुगतान पास कर दिया। बिलों पर एआरओ धर्मेंद्र सिंह के हस्ताक्षर थे जबकि पूरी प्रक्रिया का पालन न करते हुए एसडीएम को भी बाईपास किया गया। चार लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया था।

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पूरा मामला मीरगंज विधायक डीसी वर्मा के जरिए शासन तक पहुंचा तो जांच के आदेश हुए। एसडीएम मीरगंज की जांच में वित्तीय अनियमितता उजागर हुई। यह जांच रिपोर्ट प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग लखनऊ को भेजी गई थी। इस मामले में किए गए अतिरिक्त भुगतान की करीब आधी रिकवरी भी की जा चुकी है। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने बताया कि खाद्य एवं रसद आयुक्त लखनऊ सौरभ बाबू ने एआरओ धर्मेंद्र सिंह को निलंबित कर आगरा खाद्य उपायुक्त कार्यालय से संबद्ध किया है। मौजूदा समय में वह पश्चिमी क्षेत्र एआरओ के तौर पर तैनात थे लेकिन बीमारी का हवाला देकर छुट्टी पर भी चल रहे हैं।

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